प्राचीन काल के ऋषि महान वैज्ञानिक थे, हमें उनसे सीखना चाहिए : रक्षामंत्री

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http://metalletti.it/mail/bolshaya-kniga-rasskazov-izdatelstvo-mahaon.html रक्षामंत्री मनोहर परिरकर ने बुधवार को डीआरडीओ डायरेक्टर्स के सम्मलेन को संबोधित करते हुए कहा वैज्ञानिको को ऋषियों से क्रोध और ईर्ष्या पर काबू करना सीखना चाहिए |

http://bpstanin.pl/priority/ideya-obshestvennogo-dogovora-russo.html идея общественного договора руссо उन्होंने कहा पुराने समय में ऋषि महान वैज्ञानिक थे और साथ ही करुणा से भरे होते थे |

http://shophoa.dgtraining.vn/owner/skolko-stoit-zolotoe-obruchalnoe-koltso-585-probi.html сколько стоит золотое обручальное кольцо 585 пробы परिर्कर ने कहा मै जो कुछ भी कह रहा हूँ उसे गलत ढंग से बिलकुल न लिया जाए, मेर हमेशा से यह कि “शक्ति संयम से बढती है और शिक्षा विनम्रता से”

http://denz-berlin.de/library/kak-perevoditsya-get.html как переводится get महर्षि दधिची का उदहारण देते हुए उन्होंने कहा “ऐसा कहा जाता है कि ऋषि दधीची ने अपनी हड्डियों से वज्र बनाया था पर मुझे लगता है कि उन्होंने एक तरह की वैज्ञानिक खोज के माध्यम से ऐसे अद्भुत धातु की रचना की थी इसलिए हम उन्हें एक वैज्ञानिक की श्रेणी में रख सकते है और एक अंतर जो मुझे आज और प्राचीन समय के वैज्ञानिकों में नज़र आता है वह यह कि ऋषियों का अपनी भावनाओं ( क्रोध, घमंड आदि) पर संयम होता था |”

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