अंधविश्वास की शिकार हो रही है महिलाए

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प्रतीकात्मक फोटो

समस्तीपुर (ब्यूरो)- इन दिनो कई राज्य मे महिलाओ व बच्चियो को बाल  चोटी काटने जैसी घटनाओ को लेकर दहशत मे जी रहे लोग अंधविश्वास का शिकार होते देखे जा रहें  हैं ।  कोई कहता है कि  एक प्रजाति का कीड़ा है जो घनी काली  बाल को देखते हीं उसपर बैठ जाता है तथा मधुमक्खी की तरह सूंघते सूंघते उससे जो लाड़ निकलता है । जो बाल के लिए जहर होता है । जिस वजह से पीड़ित महिला एवं बच्चे  का बाल कटकर गिड़ने लगता है । और वही अपने प्यार से संजोए बाल को कटा देखते हीं उनमें दहशत पैदा हो जाता है ।   वहीं दिल के कमजोड़ रही कई महिलाएं दम भी तोड़ देती है ।  कुछ लोग इसे  जासूस या तांत्रिको का षड्यंत्र मानते हैं तो कुछ लोग इसे  दैवी प्रकोप होने से भी  इनकार नहीं करते! इन दिनों केवल सुदूर देहात हीं नहीं! बल्कि शहरी क्षेत्रों के भी दर्जनों महिलाएं,बच्चे अंधविश्वास का शिकार हो रही है ।  अपने बाल को नहीं देख इनमे दहशत पैदा हो जाता है और ऐसे प्रत्येक  दिन दर्जनों की संख्या अस्पताल में देखे जा रहें हैं ।

समस्तीपुर जिला का शायद हीं  कोई ऐसा  प्रखंड व गावं  होगा जहां लोग  अंधविश्वास का शिकार नहीं होगा । वहीं कई महिलाएं ने तो अपना घर द्वार छोड़ अन्यत्र जगह  शरण ले ली हैं । सबसे आश्चर्य तो है कि प्रशासन ,चिकित्सक समेत स्वास्थ्य विभागों द्वारा इसकी रोकथाम एवं समुचित इलाज हेतु कोई ठोस कदम या उद्द्भेदन,उजागर करने में  किसी भी तरह की रुचि नहीं लेते देखे जा रहें है । यहां के अधिकारी या प्रशासन मामले को गंभीरता से नही ले रहें है। वहीं कई उपद्रवियों ने तो न्यूज वाइरल कर  अपना राजनीतिक रोटी सेकने से भी परहेज नही करते हुए अन्य देशों पर आरोप प्रत्यारोप   लगा रहें हैं ।  मामले को लेकर कई स्थानीय चिकित्सकों से मामले के संबंध में जानकारी ली गई तो अधिकांश ने इसे एक प्रजाति का  कीड़ा से लाड़ निकलने से इंस्फेक्शन बताया ।

वही ऐसे कई मरीजों को इलाज में किये गए उपचार में   जहरीली निरोधक दवा,सुई देने की जानकारी दी गई । आखिर  अब देखना है  प्रतिस्पर्धा की भावना से पीड़ित लोगों के पड़ोसियों द्वारा इस तरह की घटना का अंजाम देकर अफवाह फैलाते हुए लोगों में  दहशत पैदा किया जा रहा है या देवी प्रकोप !  अगर किसी बाहरी गिरोहों  के द्वारा घटना का अंजाम दिया जा रहा है तो घटना करते प्रत्यक्ष रूप से अभी तक किसी ने क्यों नहीं देखा ?  केवल महिलाएं ही क्यों इसका शिकार हो रही है,पुरुष क्यों नहीं !

आखिर पीड़ित  महिलाओं का इलाज करने वाला चिकित्सक भी स्पष्ट क्यों नहीं  बता रही है कि किस कारण बाल कटा या स्वंय किसी कीड़े मकोड़े  या गंदगी का शिकार  हो रही है महिलाएँ ? वहीं पुलिस प्रशासनबिल्कुल  लापरवाह एवं   उदासीन है। मामले को गंभीरता से क्यों नही ले रहा है । दहशत से अबतक कितने का जान भी जा चुका है। अब  देखना है इतना जटिल एवं गंभीर मामला कितना दिनों बाद सुलझती है ।

रिपोर्ट -आर. कुमार 

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