दुबई से भारत आकर दिया 7 साल की प्रिया को नया जीवन

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दूरियां मानवता को रोक नही सकती ऐसा ही कुछ कहना है प्रिया शाह के लिए देवदूत बनकर आये गोपाल जी का

7 साल की कुशाग्र बुद्धि प्रिया को अपना स्कूल छोड़ना पड़ा क्योंकि वो थैलीसीमिया ( रोग ) से अपनी लड़ाई हार रही थी, डॉक्टर्स ने प्रिया के स्टेम कोशिका ट्रांसप्लांट की सलाह दी थी पर परिवार के किसी भी सदस्य की कोशिकाएं मेल नही खा रही थी |

ऐसे अँधेरे में आशा की किरण बनकर आगे आये गोपाल वछानी ने प्रिया की मदद के लिए दूरियों को कोई तवज्जो नही दी और चेहरे पर बिना किसी शिकन के दुबई से अहमदाबाद आकर प्रिया को स्टेम कोशिकाएं दान की और कहा ” किसी की जिंदगी बचाने के बाद आप कैसा महसूस करते है ? यह आप तब तक नही समझ सकते जब आप खुद ऐसा न करें आज मुझे ऐसा लग रहा है जैसे मै दुनिया का सबसे खुशनसीब इन्सान हूँ ”

गोपाल जी

ऐसे बहुत से कम लोग हैं जो किसी की मदद के लिए इस हद तक जाते हैं, पर समाज को तो गोपाल जी जैसे लोगों की ही ज़रूरत है जिनके लिए मानवता से बढकर न कोई धर्म है न कोई कर्म….

अखंड भारत  गोपाल जी के इस जज्बे को सलाम करता है, और आशा करता है की गोपाल जी से प्रेरणा लेकर लोग अंग दान के लिए आगे आयें ताकि आपके जीवन के बाद आप किसी और को जीवन दे सकें |

 

source – TOI

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