अस्पताल स्टाफ़ की लापरवाही के चलते गयी एक और मासूम की जान

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हसनगंज/उन्नाव(ब्यूरो)- जननी सुरक्षा योजना मे लाखो रूपये खर्च होने के बावजूद भी न जच्चा सुराक्षित न ही बच्चा सुरक्षित है, तभी प्रसव पीडित महिला 102 एम्बूलेंस् से आते समय रास्ते मे भी डिलेवरी हो गयी| किसी तरह पीडिता सी एच सी पर पहुंची लेकिन महिला चिकित्सक के न होने पर नर्स व आया को एक हजार रूपये की सुविधा शुल्क न मिलने से घंटो जच्चा बच्चा तडपते रहे| बाद मे नवजात शिशु की नाक मे नली डालने से अस्पताल मे ही मौत हो गयी|

परिजनो ने नर्स व आया की लापरवाही से मौत होने की शिकायत कोतवाली मे की है। हसनगंज तहसील के तलवा पिछवाडा निवासिनी रोशनी पत्नी राजकुमार 26 वर्ष को सोमवार सुबह प्रसव पीडा शुरू हुई| जिस पर परिजनो ने आशा बहुँ को सूचना दी जिस पर आशा ने सुबह 9 बजे 102 एम्बुलेंस् से सी एच सी हसनगंज ला रही थी| तभी रास्ते मे ही गाडी के अंदर ही नार्मल डिलेवरी हो गयी| ऐम्बुलेंस् मे किसी तरह की कोई व्यवस्था न होने से जैसे तैसे सी एच सी पर लायी ।

परिजनो ने आरोप लगाया है कि अस्पताल पर महिला डॉक्टर के न होने से स्टाफ नर्स व आया ने प्रसूता से एक हजार रूपये की माँग की जिस पर परिजनो ने चार सौ रूपये दिये लेकिन नर्स व आया ने दिये गये चार सौ रूपये फेंक दिये ओर कहा इतने में कुछ नही होता है पूरे रूपये न मिलने पर जच्चा बच्चा एक घंटे से अधिक समय तक बिना उपचार तडपते रहे, बाद मे आया ने नवजात शिशु के नाक मे नली डाल दी जिससे अस्पताल मे ही नवजात की मौत हो गयी । जिससे बच्चे की माँ मृत नवजात को गोदी मे लेकर गुम सुम होकर अपने को कोस रही है। वही राष्टीय ग्रामीण स्वास्थ्य मिशन के अंतर्गत जननी सुरक्षा योजना मे सरकार प्रसव पीडित महिलाओ की सुरक्षा पर लाखो रूपये खर्च हो रहे है। लेकिन सत्तर से नब्बे हजार रूपये वेतन चिकित्सक उठा रहे है फिर भी चिकित्सक सरकार की महत्वाकाँक्षी योजना को पलीता लगा रहे है।

आशा बहु रेखा शर्मा कर्मचारियो से गिडगिडाती रही लेकिन नर्स व आया की मनमानी के चलते एक नही चली, नवजात शिशु को खोने के बाद परिजनो ने पुलिस से शिकायत की है| इस पर सी एच सी अधीक्षक डा. नितिन श्रीवास्तव ने फोन पर पूछने पर बताया कि मै एक दिन के अवकाश पर हूँ इस विषय पर डॉक्टर अखिलेश कुमार से जानकारी करने की बात कहकर पल्ला झाड लिया।
उधर डॉ0 अखिलेश ने बताया कि बच्चा 7 महीने का ही है और समय से पहले ही जन्म हो गया है बच्चे की डिलीवरी घर मे हुई है और परिजन अस्पताल लेकर आये है| कम समय का होने के कारण बच्चे की सांस चल रही थी लेकिन स्टाफ नर्स द्वारा रिसिसलेंट करने के दौरान बच्चे ने दम तोड़ दिया है।

रिपोर्ट- राहुल राठौर 

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