अलगाववादियों के साथ भी आतंकियों जैसा बर्ताव करेगी सरकार, NSA अजीत डोभाल खुद करेंगे निगरानी

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narendramodi-bhopal
कश्मीर मामले पर सरकार आर पार की लड़ाई का रुख अख्तियार करती नज़र आ रही है, कश्मीर में प्रदर्शन और हिंसा से निपटने के लिए मोदी सरकार ने नयी रणनीति अपनाई है, और राष्ट्रिय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल स्वयं इस पूरे मामले की निगरानी करेंगे, अपनी नयी रणनीति में सरकार आतंवादियों और अलगाववादियों में में कोई फर्क नहीं करेगी, सरकार के इस फैसले के बाद अलगाववादी नेता जैसे सैयद अली शाह गिलानी, याशिन मालिक और आशिया अंद्राबी जैसे नेताओं पर कड़ी कार्रवाई हो सकती है |

सरकार ने अलगाववादी पर भी आतंकवादरोधी क़ानून के तहत मुकदमा दर्ज कर कारवाई करने की तैयारी कर रही है, इसके लिए केंद्र सरकार जम्मू-कश्मीर की मुफ्ती सरकार से बातचीत कर रही है | केंद्र सरकार अपने इस कदम के पीछे दलील दे रही है कि अलगाववादियों के प्रदर्शन में निर्दोष लोग मारे जा रहे हैं और इससे आतंकवादियों को फायदा हो रहा है |

एंटी टेरर ऑपरेशन में तेज़ी लाने का फैसला हुआ है, अमरनाथ यात्रा के सुरक्षा में लगे 65 हज़ार सुरक्षा बलों की तैनाती होगी. दरअसल अमरनाथ यात्रा के कारण मौजूद सुरक्षा बलों को प्रदर्शनकारियों से निपटने में लगाने से एंटी टेरर ऑपरेशन में कमी आयी थी, केंद्र सरकार ने अलगाववादियों और आतंकियों के पकिस्तान से फंडिंग पर नकेल कसने के लिए फंडिंग की जांच गृहमंत्रालय ने अब NIA को सौप दी है, NIA ने जो मामला दर्ज़ कर जांच शुरु की है उसमे चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं |

सरकार की खुफिया सुरक्षा एजेंसी IB द्वारा NIA को दी गयी जानकारी के अनुसार पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी ISI ने अलगाववादियों को करीब 70 करोड़ रूपये की फंडिंग की है ताकि कश्मीर में भारत विरोधी शक्तियों को बल मिल सके | सरकार ने इस मामले में NIA को विस्तृत जांच करने को कहा है |

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