बीजेपी सांसद अनुराग ठाकुर बने बीसीसीआई के नए सबसे युवा अध्यक्ष

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मुंबई- हिमांचल प्रदेश से भाजपा के युवा सांसद और बीसीसीआई के पूर्व सचिव अनुराग ठाकुर को आज बीसीसीआई की स्पेशल जनरल मीटिंग में बीसीसीआई का नया अध्यक्ष चुन लिया गया है | बीसीसीआई का अध्यक्ष बनने वाले देश के सबसे युवा ब्यक्ति है अनुराग ठाकुर | बीजेपी नेता अनुराग ठाकुर को बीसीसीआई का अध्यक्ष बनाने के लिए पूर्व के सभी 6 क्रिकेट संघों ने एक जुटता दिखाते हुए अपना समर्थन दिया है |

बता दें कि अनुराग ठाकुर को निर्विरोध अध्यक्ष चुना गया है और इन्हें अध्यक्ष चुनने के लिए पूर्व के सभी क्रिकेट संघों ने एकजुटता दिखायी है | जिनमें कैब, असम क्रिकेट संघ, त्रिपुरा क्रिकेट संघ, एनसीसी और झारखंड क्रिकेट संघ शामिल है | इन सभी क्रिकेट संघों के अध्यक्षों ने अनुराग ठाकुर के नामांकन पर अपना समर्थन दिया था | बंगाल क्रिकेट एशोशिएशन के प्रमुख सौरव गांगुली ने सबसे पहले अनुराग ठाकुर के समर्थन का एलान किया था |

शशांक मनोहर के स्तीफा देने से खाली हुई थी सीट –
ज्ञात हो कि बीसीसीआई के पूर्व चैयरमैंन शशांक मनोहर ने अपने कार्यकाल को पूरा करने से पहले ही बीसीसीआई के अध्यक्ष पद से स्तीफा दे दिया था | जिसके बाद में ही अनुराग ठाकुर ने यह पद संभाला है | शशांक मनोहर अब ICC के पहले स्वतंत्र अध्यक्ष चुने गए है | इसी के चलते उन्होंने BCCI के अध्यक्ष पद से स्तीफा दिया था | अनुराग ठाकुर अब वर्ष 2017 तक बीसीसीआई के अध्यक्ष बने रहेंगे |

अजय शिर्के को बनाया सचिव –
अनुराग ठाकुर बीसीसीआई का अध्यक्ष बनने से पहले बीसीसीआई के सचिव भी रह चुके है | शनिवार को जब अनुराग ठाकुर ने बीसीसीआई के अध्यक्ष पद के लिए नामांकन भरा था तब उन्होंने पहले सचिव पद से स्तीफा दे दिया था जिससे सचिव का पद रिक्त हो गया था | अनुराग ने अध्यक्ष बनते हुए ही अपने अधिकारों का प्रयोग करते हुए महाराष्ट्र क्रिकेट एशोशिएशन के अध्यक्ष और व्यवसायी अजय शिर्के को सचिव के पद पर नियुक्त कर दिया है |

आसान नहीं अनुराग की राह –
यहाँ पर यह भी जान लेना अत्यंत आवश्यक है कि अनुराग ठाकुर ऐसे समय में बीसीसीआई के अध्यक्ष चुने गए है जब बीसीसीआई को जस्टिस लोढ़ा कमेटी के द्वारा बतायी गयी सिफारिशों को लागू करने का भी दबाव बना हुआ है | बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष शशांक मनोहर ने जब पद से स्तीफा दिया था तब उन्होंने कहा था कि, ‘मै जस्टिस लोढ़ा कमेटी के द्वारा सुझाई गयी सिफारिशों को लागू करने में असमर्थ हूँ इसलिए मै इस पद से स्तीफा दे रहा हूँ |’ हालाँकि उन्होंने यह भी कहा था कि बीसीसीआई के पास ऐसे अनुभवी लोग है जो उनसे बेहतर इस काम को कर सकते है और वे जस्टिस लोढ़ा कमेटी की सिफारिशों को लागू भी कर सकते है |
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