भुनाई जा रही क्रिकेट की दीवानगी, आईपीएल में हो रहा लाखों का व्यारा-नारा

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जौनपुर(ब्यूरो)- सट्टेबाजी का खेल जनपद की गली-गली तक पहुंच गया है। लाखों रुपए का व्यारा-नारा एक दिन में हो रहा है। कमीशनखोर अपना हिस्सा ले चांदी काट रहे हैं। मोबाईल के जरिए इस धंधे ने जनपद में अपनी गहरी पैठ बना ली है। क्रिकेट के दीवाने अपनी और परिवार की गाढ़ी कमाई बेहिसाब तरीके से बहा रहे हैं। मुफ्तखोरों के लिए यह घर बैठ कर कमाई करने का आसान जरिया बनता जा रहा है। पुलिस सिस्टम की कथित आधुनिकता को खुला चैलेंज दे सट्टेबाज काली कमाई दोनों हाथों से समेट रहे हैं। हजारों और लाखों रुपए गंवाने के बाद क्रिकेट में दांव लगाने वालों का मानना है, पुलिस को सब मालूम है। सट्टेबाजों की पहुंच ऊपर तक है और सबका हिस्सा तय हैं।

दरअसल इस दिनों आईपीएल का सीजन चल रहा है। क्रिकेट प्रेमी इस जनपद में आईपीएल का बुखार सातवें आसमान पर है। क्रिकेट की इस दिललगी को भुनाने के लिए कोई मौका नहीं छोड़ रहा। सट्टेबाजी के धंधे ने जनपद को अपने आगोश में ले लिया। बकायदा बुकी (सट्टा लगाने और भाव खोलने वाला दलाल) मुंबई और दिल्ली में बैठे रहनुमाओं से जुड़े हैं। बुकी के नीचे कई गुर्गे हैं। इनकी पहुंच मोहल्लों तक क्या गली-गली में है। टीम की जीत-हार तो छोटी बात है। सिक्का उछालने से लेकर हर गेंद के फेंके जाने पर रुपए लगता है। आईपीएल मैच के दौरान टीवी सेट के सामने घर में बैठ या गली-मोहल्ले में रहकर मोबाइल के जरिए दांव लग जाता है। दांव एक हजार रुपए से लेकर बीस हजार तक या अधिक भी लगता है। हार-जीत पर जुआ खेलने वालों को रकम भुगतान या मुनाफा कमाने के लिए दर-दर नहीं भटकना पड़ता। रुपए की वसूली बुकी के बीच बैठे दलाल घर-घर तक पहुंच रकम लेते हैं। मुनाफा भी ऐसे ही पहुंचता है। बताया जाता है कि बुकी इस धंधे के लिए कई मोबाइल सेट इस्तेमाल करते हैं। फर्जी सिमों के बूते नेटवर्क चलता है। ऊपर से मिले दांव में जबरदस्त कमीशन का खेल है। अनिश्चिताओं के इस खेल में हर दिन लाखों का मुनाफा होता है।

नगर की बात दूर छोड़े अब सट्टïेबाजी के खेल ने गांव में भी अपने पांव पसार लिए हैं। गांव-गांव में पसरी क्रिकेट की दीवानगी को बुकी भुनाने से नहीं चूक रहे। एक्का-दुक्का छोड़ आज तक पुलिस ने सट्टेबाजी के खिलाफ को वर्कआउट नहीं किया। पुलिस की हाईटेक तकनीक को ओपन चैलेंज कर यह सामाजिक अपराध खूब फल-फूल रहा है। कई का मानना है हल्का पुलिस भी यह खेल बखूबी जानती है लेकिन सेटिंग-गेटिंग हो जाती है।

रिपोर्ट- डॉ. अमित कुमार पाण्डेय 

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