आल स्कूल पैरेंट्स एसोसिएशन ने स्कूलों द्वारा नियमों के उल्लंघन को लेकर सीबीएसई निदेशक को लिखा पत्र

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गाज़ियाबाद ब्यूरो : सीबीएसई स्कूलों द्वारा उड़ाई जा रही नियमों की धज्जियों को० लेकर आल स्कूल पैरेंट्स एसोसिएशन ने सीबीएसई बोर्ड के निदेशक को प्रार्थनापत्र लिखकर स्कूलों द्वारा नियमों के पालन किये जाने को सुनिश्चित करने की अपील की है |

इस प्रार्थनापत्र में उन्होंने लिखा कि सीबीएसई से सम्बद्ध सभी स्कूलों के लिए दिनांक 23/02/2018 को एक सर्कुलर जारी किया गया था, जिसके अनुसार सीबीएसई से सम्बद्ध सभी स्कूलों में कक्षा एक से लेकर बारहवीं तक केवल एनसीईआरटी की किताबें ही पाठ्यक्रम में लगाई जाएंगी जबकि सीबीएसई से स्कूलो में ना केवल प्राइवेट प्रकाशकों की किताबें लगाई जा रही है बल्कि एक ही स्कूल में एनसीईआरटी ओर प्राइवेट प्रकाशकों की किताबें अलग-अलग क्लासो में पढ़ाई जा रही है, एनसीईआरटी के साथ-साथ प्राइवेट प्रकाशकों की किताबें लगाई जा रही है या फिर केवल प्राइवेट प्रकाशकों की किताबें ही लगाई जा रही है।

पीटीए:सीबीएसई सम्बद्धता नियमावली के बिंदु नंम्बर 11.3पर लिखा है कि स्कूल में पीटीए(पेरेंट टीचर एशोशियशन)का होना अनिवार्य है।जिससे कि स्कूल में पेरेंटस ओर स्कूल के बीच मधुर सम्बंध रहे आपसी संवाद बना रहे ओर फीस बढ़ाये जाने में भी पीटीए की मुख्य भूमिका है।इसके बाद भी स्कूलों में पीटीए है ही नही या फिर स्कूल प्रबंधक की जेबी पीटीए है जिसकी जानकारी अभिभावकों को है ही नहीं

स्कूली भवन का व्यपरिकरण :
महोदय सीबीएसई सम्बद्धता नियमावली के बिंदु नम्बर 14 (बी)ओर चैप्टर चार रूल 19 1(2)पर लिखा है कि स्कूली भवन में कमोर्यशल एक्टिविटी नही की जाएगी इसके बाद भी स्कूलों में यूनिफार्म,किताबें बेची जाती है।ओर स्कूल संचालन समय के बाद स्कूली भवन को अलग-अलग खेल के लिए किराये पर दिया जाता है।

एक सम्बद्धता पर अनेक स्कूल चलाये जाने के विषय मे:महोदय,सीबीएसई से प्राप्त सूचना के अनुसार एक सम्बद्धता पर केवल एक ही स्कूल का संचालन किया जायेगा(सीबीएसई ब्रांच संचालन की अनुमति प्रदान नही करता)इसके बाद भी एक सम्बद्धता पर अनेक स्कूलो का संचालन किया जाता है ओर स्कूल पर सम्बद्धता संख्या को भी नही लिखा जाता है। हमारी इस पत्र का माध्यम से आपसे अपील है कि चूंकि एनसीईआरटी किताबे पाठ्यक्रम में लगाने का आदेश आपके स्तर से ही जारी किया गया है इस लिए आप ही इस आदेश को अनिवार्य रूप से लागू करना सुनिश्चित करे।

पीटीए की अनिवार्यता सीबीएसई नियमावली में ही है इस लिए स्कूलो में पीटीए बनवाने की जिम्मेदारी भी सीबीएसई की ही है।इस लिए सीबीएसई को ही स्कूलों में निष्पक्षता से पीटीए बनवानी चाहिए, स्कूली भवनों का व्यवस्यायिक उपयोग बन्द होना चाहिए स्कूलों में किताबे,ड्रेस बिकना बन्द हो तथा स्कूलों के मैदानों को बाहरी व्यक्तियों को उपयोग में लाया जाना बंद होना चाहिए।

एक सम्बद्धता पर एक ही स्कूल का संचालन होना चाहिए स्कूलों को सम्बद्धता प्रदान करने की स्थिति में सीबीएसई कोड लिखा जाने की अनिवर्तयता होनी चाहिए जिससे कि दाखिला कराते समय पेरेंटसो को पता रहे कि वो जिस स्कूल में अपने बच्चे का दाखिला करवा रहे है वो मान्यता प्राप्त/सम्बद्ध भी है कि नहीं

अक्सर प्रदेश सरकारों के शिक्षा विभाग के अधिकारी किसी भी समस्या हल करने में ये कह कर असमर्थता जता देते है कि सीबीएसई से सम्बद्ध स्कूल हमारे अधिकार क्षेत्र से बाहर है। इसलिए हमारा आपसे विषय अनुग्रह है कि जिला स्तर पर सीबीएसई के अधिकारी की नियुक्ति की जाए जिन्हें कि पेरेंट्स अपनी समस्याओं से अवगत करा सके |

इस अवसर पर शिवानी जैन अध्यक्ष, रविन्द्र रावत उपाध्यक्ष, सचिन सोनी सचिव, विवेक वर्मा कोषाध्यक्ष, तमन्ना खन्ना सयुक्त सचिव शील शर्मा सयुक्त सचिव,रजनी जोशी, शिल्पी सिंघल, संजय गर्ग, अनिल सागर, सचिन सिद्धार्थ, हैप्पी चौधरी, शुभम चौधरी, सत्यपाल चौधरी, सुनील कुमार, विवेक त्यागी, अनुभा सहाय, सपना अरोरा, मोहित सिंघल, राम पाल शोरन, रंजीत कुमार, रविन्द्र शास्त्री आदि मुख्य रूप से उपस्थित थे।

रिपोर्ट – मीनाक्षी लवी चौधरी

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