शहर में व्याप्त गंदगी को लेकर नगर आयुक्त को सौंपा ज्ञापन

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देहरादून (ब्यूरो)- महानगर महिला कांग्रेस देहरादून की अध्यक्ष कमलेश रमन के नेतृत्व में एक प्रतिनिधि मण्डल ने देहरादून में व्याप्त गंन्दगी को लेकर एक ज्ञापन नगर आयुक्त को सौंपा। प्रतिनिधि मण्डल ने ज्ञापन में नगर आयुक्त से मांग रखी गयी कि देहरादून के सभी वार्डो में गर्मी शुरू होने से पहले दवाई छिडकाव किया जाए, समस्त वार्ड में टूटे हुए कुडेदानों को बदला जाए तथा समस्त क्षेत्रों का कुडा उठान रोज होना चाहिए।

प्रतिनिधि  मण्डल द्वारा लूनिया मोहल्ला प्रभात सिनेमो पीछे स्थित नाले में कूडा कचरा एंव मलवा भर गया है जिस कारण नाले का गन्दा पानी क्षेत्रवासियों के घरों में भर जाता है वहां रहने वाले स्थानीय लोगो को गन्दगी के कारण महामारी फैलने का भय बना हुआ है । जिसको लेकर स्थानीय लोगो ने कमलेश रमन के नेतृत्व में नगर निगम में नगर आयुक्त को शहर में गन्दगी व्याप्त क्षेत्रों दौरा करने के लिए ज्ञापन भी सौपां है । समस्त क्षेत्रवासियों ने एक सप्ताह का समय नगर आयुक्त को दिया है। कि अगर समय रहते सफाई व्यवस्था दुरूस्त नही की गई तो स्थानीय लोग उग्र आन्दोलन करने को बाध्य होंगें, इसकी पूर्ण जिम्मेदारी नगर निगम की होगी।

प्रतिनिधि मण्डल में चन्द्रकला नेगी, पुष्पा पंवार, विमला मन्हास, रितु नन्दा, सरोज शर्मा, सुकरिता, मीना, अनुराधा तिवारी, राधा चैहान, सुशील विरमानी, ममता बस्नेत, बबली, बीना, मदनलाल खत्री, प्रभात डंडरियाल और पंकज नेगी आदि मौजुद रहे ।

गर्मियों में रखे इन बातों का ध्यान
गर्मियों में विभिन्न बीमारियों का खतरा बना रहता है । जैसे हीट स्‍ट्रोक, पीलिया, फूड प्‍वाइजनिंग, खसरा, मलेरिया और हैजा आदि । इन बीमारियों से बचने के लिए घर या दफ्तर के आस-पास साफ़ सफाई रखने के साथ की संक्रमण से बचने का प्रयास करें ।

गर्मी की बीमारियों का संबन्‍ध हमारे खाने पीने से जुड़ा हुआ है। गर्मियों में नमी बढ़ जाती है जिस कारण वातावरण में अनेको प्रकार के संक्रमण बड़ी तेजी के साथ फैलने लगते हैं। गर्मियों में बीमारियों से बचने का अच्‍छा तरीका है कि आप खूब सारा पानी पियें। इससे आपका शरीर हमेशा हाइड्रेट रहेगा और शरीर में जितनी भी गंदगी होगी वह बाहर निकल जाएगी।

गर्मियों की बीमारियों की जानकारी और उनसे बचने के उपाय।
पीलिया:-पीलिया को हैपेटाइटिस A या जोन्डिस कहते हें। यह रोग वाइरस से होता है। इस रोग में रोगी की आंखे व नाखून पीले दिखाई देने लगते हैं और पेशाब भी पीले रंग की होने लगती है। यह रोग गंदे पानी और खाने से फैलता है।

फूड प्‍वाइजनिंग
गंदा पानी और बाहर का खुला या गंदा खाने से पेट में संक्रमण और फूड प्‍वाइजनिंग होने का खतरा अधिक रहता है। अगर फूड प्‍वाइजनिंग ज्‍यादा हो गई तो रोगी को डायरिया और उल्‍टी होने लगेगी। इससे जान भी जा सकती है।

हीट स्‍ट्रोक:- हीट स्‍ट्रोक तेज गर्मी की वजह से होता है। इसमें इंसान की जान भी जा सकती है। तेज धूप और गर्मी में चक्कर आने लगना, उल्टी के लक्षण होना, रक्तचाप एकाएक कम हो जाना, तेज बुखार होना आदि हीट स्ट्रोक के लक्षण है। इस बीमारी से बचने के लिये कड़ी धूप में निकलने से पहले सिर को ढंक लें, ढीले कपड़े पहने और ढेर सारा पानी पियें।

खसरा:-खसरे को अंग्रेज़ी में मीज़ल्स भी कहते हैं। यह बीमारी सांस के माध्यम से फैलती है। यह बीमारी पैरामायोक्‍सो नामक वाइरस से फैलती है जो कि गर्मियों में काफी तेजी से फैलता है। खसरे के खास लक्षणों में शरीर पर छोटे छोटे लाल रंग के दाने, बुखार, खांसी, नाक बहना और आंखों का लाल होना शामिल है। बुखार 40°C(104°F) तक पहुंच सकता है। यह बीमारी छोटे बच्‍चों को ज्‍यादा होती है।

चेचक :-चिकन पॉक्‍स, जिसे हम छोटी माता के नाम से भी जानते हैं, गर्मियों में बड़ी तेजी के साथ फैलती है। चिकन पॉक्‍स बहुत ही संक्रामक होती है जो कि संक्रमित व्‍यक्‍ति के साथ रहने से तुरंत ही लग जाती है। इस बीमारी के रोगी को सिरदर्द, बुखार, नाक बहना, शरीर पर पानी भरे दाने होना लक्षण के रूप में दिखाई देते हैं। अगर आपको एक बार चिकन पॉक्‍स हो चुका है तो वह दुबारा नहीं होगा।

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