अरुण जेटली बोले,’जम्मू कश्मीर में फ़ैसले लेने के लिए स्वतंत्र है सेना’

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इन दिनों भारत पाकिस्तान के बीच गरमा गरमी का माहौल है । हाल ही में सेना द्वारा एक कश्मीरी युवक को जीप के आगे बाँध कर मानव शील्ड के रूप में प्रयोग करने से मीडिया में चर्चाएँ बढ़ गयी थी । इसके कुछ समय बाद ही आर्मी द्वारा कार्यवाही को अंजाम देने वाले मेजर लीतुल गोगोई को सम्मानित किए जाने से ये मामले और भी बढ़ गया था ।

दरअसल मामला कुछ यूँ है कि कश्मीर में सेना द्वारा एक पाकिस्तानी युवक को ह्यूमन शील्ड बनाकर जीप के आगे बाँध दिया गया था क्यूँकि वह व्यक्ति उस समय सेना पर हो रही पत्थरबाज़ी को उकसा रहा था और बिना गोलीबारी के वहाँ से निकलने के लिए उस वक़्त वहाँ तैनात मेजर गोगोई ने उस व्यक्ति को पकड़ लिया जिससे पत्थरबाज़ी रुक गयी । फिर वहाँ से बिना कोई नुक़सान किए सुरक्षित निकालने के लिए मेजर ने उस व्यक्ति को ढाल की तरह इस्तेमाल किया और उसे जीप के आगे बाँध कर वहाँ से निकल आए । मेजर को उनकी इस सूझबूझ के लिए सेना की ओर से सम्मानित किया गया ।

इस मामले पर हाल ही में वित्त मंत्री अरुण जेटली ने बयान दिया है कि सेना को ऐसे निर्णय लेने की पूरी स्वतंत्रता है । उन्होंने कहा कि युद्ध स्थल में सेना अपने निर्णय ख़ुद लेती है और इसके लिए उसे किसी सांसद की अनुमति की ज़रूरत नहीं है ।

आपको यह भी बता दें कि सेना ने कल बताया कि सीमा पर पाकिस्तानी ठिकानों पर दंडात्मक कार्यवाही की गयी है जिससे पाकिस्तान को नुक़सान पहुँचा है । आर्मी की इस कार्यवाही को सैनिकों के सिर काटे जाने के एवज़ में अंजाम दिया गया जिसमें वन क्षेत्र में पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों पर बार बार गोलीबारी कर उसे नेस्तनाबूत कर दिया गया है । सेना ने अपनी इस कार्यवाही का विडीओ भी जारी किया है जिसके बाद से पाकिस्तान बौखलाया हुआ है ।

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