जीएसटी के चलते बाज़ार में उत्पन्न हो रही है कृत्रिम मंहगाई, जानें कैसे-

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जालौन ब्यूरो- जीएसटी के नाम पर बड़े व्यापारी, छोटे व्यापारियों का शोषण करने में लगे हैं। गुटका के थोक व्यापारी छोटे, छोटे व्यापारियों से टिन नंबर, पैन कार्ड मांग रहे हैं। छोटे व्यापारियों के दस्तावेज न देने पर उन्हें मंहगे दामों पर सामान बेचा जा रहा है।

नगर के थोक किराना व्यपारी, विभिन्न मान मसाला, सिगरेट समेत तमाम एजेंसी धारक छोटे व्यापारियों को सामान देने से मना कर रहे हैं। बड़े व्यापारी, छोटे व्यपारियों का जीएसटी के नाम पर शोषण करने में लगे हैं। बड़े व्यापारियों ने छोटे व्यापारियों को सामान लेने के लिए आधार कार्ड, पैन कार्ड, जीएसटी रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया है। ये दस्तावेज न होने पर वह मनमाने दामों पर छोटे व्यापारियों को सामान की बिक्री कर रहे हैं। जिससे बाजार में कृत्रिम मंहगाई उत्पन्न हो गई है। बाजार में गुटका समेत कई सामान मंहगे दामों पर मिल रहे हैं। गुटका व्यापारी घनश्याम से इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने जीएसटी कानून को अपने हिसाब से बताते हुए कहा कि पैन कार्ड व जीएसटी का नंबर लिए उपभोक्ताओं को अलग मूल्य पर गुटका दिया जा रहा है एवं जिनके पास पैन कार्ड अथवा जीएसटी नंबर नहीं है उन्हें मंहगे दामों पर गुटका मिल रहा है।

नगर व ग्रामीण क्षेत्र के छोटे व्यापारी बड़े व्यापारियों द्वारा जीएसटी के नए नियम बनाए जाने से काफी परेशान हैं। छोटे दुकानदारों के पास जीएसटी, टिन अथवा पैन नंबर न होने से उन्हें खाद्य पदार्थ, साबुन, गुटका, सिगरेट आदि मंहगे दामों पर मिल रहे हैं। जिसके चलते बाजार में वस्तुओं के दाम बढ़ गए हैं। इस संबंध में व्यापार कर अधिकारी (सचल दल) धर्मेंद्र सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि ऐसा बिल्कुल नहीं होना चाहिए। अगर कोई व्यापारी ऐसा कर रहा है तो पीड़ित व्यक्ति इसकी शिकायत पोर्टल पर या सीधे अधिकारी से करें। संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। व्यापारियों की मनमर्जी नहीं चलेगी।

रिपोर्ट- अनुराग श्रीवास्तव 

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