एआरटीओ ऑफिस जाना है, तो पैसा पूजाना है

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रायबरेली (ब्यूरो) रायबरेली ए.आर.टी.ओ. ऑफिस बना दलाली का अड्डा जिसको लेकर आये दिन आमजनता को काफी मुसीबतों का सामना करना पड़ रहा है। वहीं आमजनो से लाइसेंस बनवाने के नाम पर 3 हजार से लेकर 5 हजार रुपये तक वसूले जा रहे है। वहीं एक तरफ ऑफ़िस में कई दिनो से सर्वर न होने की वजह से सारे काम ठप हो जाते है जिसकी वजह से दूर दराज से आये लोगों को काफी समस्यओं का सामना करना पड़ता है | वही ए.आर.टी.ओ. ऑफिस के अधिकारी उनसे सीधे मुँह बात तक नहीं करते, तो उन्हें मजबूरन लाइसेंस बनवाने के लिए दलालों का सहारा लेना पड़ता है।

दलालों की संख्या इतनी बढ़ती जा रही है कि वो लाइसेंस बनवाने आये लोगो पर लाइसेंस बनवाने के लिए दबाव बनाते है अगर दलालो में माध्यम से लाइसेंस न बनवाने पर उनके साथ गाली-गलौज और मार पीट भी की जाती है आखिर कब तक आम जनता को इन दबंग दलालो से छुटकारा मिलेगा। वही ए.आर.टी.ओ. ऑफिस के बाहर बने पुलिस बूथ पर तैनात पुलिसकर्मी अपना काम छोड़कर पूरी तरह से ए.आर.टी.ओ. ऑफ़िस की जमे रहते हैं | मिल एरिया थाना में तैनात महेश प्रसाद रावत नाम का सिपाही की ड्यूटी आर.टी.ओ. ऑफिस के बाहर बने पुलिस बूथ में लगाई गई है वो अपना पुलिस बूथ छोड़कर ए.आर.टी.ओ. ऑफ़िस में आराम करते देखे जा सकते है। वहाँ कोई भी किसी भी तरह की कोई घटना हो या कुछ उससे उनको कोई मतलब नही है, सिर्फ पैसे आने चाहिए। जब इस बारे में ए०आर०टी०ओ० मैंडम पुष्पांजलि मित्रा गौतम से इस बारे में बात हुई तो उन्हने कहा कि हमे इसकी कोई जानकारी नही है जानकारी होते ही कारवाही की जाएंगी, अब सवाल ये उठता है कि आखिर पूरा ए.आर.टी.ओ. ऑफिस दलाली के कीचड़ में लिप्त है, बच्चों-बच्चों को ये जानकारी है कि रायबरेली का ए.आर.टी.ओ. ऑफ़िस जिले का सबसे बड़ा दलाली का अड्डा बना हुआ है उसके बाद भी वहाँ तैनात ए०आर०टी०ओ० मेडम को इसकी कोई जानकारी नही है।

रिपोर्ट – अनुज मौर्य/शिवा

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