चीन से है खतरा, प्रदेश युद्ध जैसे है हालात इसलिए लगाया गया राष्ट्रपति शासन – केंद्र सरकार

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अरुणांचल प्रदेश- अरुणांचल प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लागए जाने के मामले में सुप्रीमकोर्ट की तरफ सफाई मांगी जाने पर केंद्र सरकार ने बताया है कि प्रदेश में युद्ध जैसे हालात पैदा हो गए है और प्रदेश को चीन से सर्वाधिक खतरा बना हुआ है I राजनैतिक अस्थिरता को देखते हुए ही प्रदेश में राष्ट्रपति शासन लगाया गया है I

इंडियन एक्सप्रेस में छपी खबर के मुताबिक अटॉर्नी जनरल मुकुल रोहतगी ने सुप्रीम कोर्ट में पेश किए गए एफिडेविट में गवर्नर जेपी राजखोवा की राष्ट्रपति को भेजी 6 रिपोर्ट्स का हवाला भी दिया है। इन रिपोर्ट्स में उन कारणों को बताया गया है, जिसके चलते प्रेसिडेंट रूल लगाया गया। गृह मंत्रालय की ओर से पेश एफिडेविट के मुताबिक, अरुणचल प्रदेश के बड़े हिस्‍से पर चीन अपना हक जताता आया है। इस क्षेत्र को अस्थिर करने के लिए वह लंबे समय से घुसपैठ कर कोशिश करता रहा है। राज्‍य में सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक स्थिरता बनी रहे, इसलिए राष्‍ट्रपति शासन लगाया गया है। इसके अलावा एफिडेविट में यह भी कहा गया है कि राज्‍य में कानून-व्‍यवस्‍था लगभग खत्‍म हो गई है। मामले की अगली सुनवाई सोमवार को होनी है। आपको बता दें कि केंद्र सरकार की ओर से राष्‍ट्रपति शासन लगाए जाने के फैसले को कांग्रेस ने अदालत में चुनौती दी है। केजरीवाल, जेडीयू समेत दूसरी पार्टियों ने भी इसे लोकतंत्र की हत्या बताया है।

क्या है राजनैतिक विषमता का पूरा मामला –
अरुणाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार के 42 में से 21 विधायक बागी हो गए हैं। 16-17 दिसंबर को सीएम नबाम टुकी के कुछ विधायकों ने बीजेपी के साथ नो कॉन्फिडेंस मोशन पेश किया था, जिसमें सरकार की हार हुई। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस सरकार असेंबली भंग करने के मूड में नहीं थी और जोड़-तोड़ की तमाम कोशिशें करने में लगी हुई थी। पूर्व सीएम नबाम टुकी के कहा कि अरुणाचल के लोग इस फैसले से नाराज हैं। उम्मीद है कि सुप्रीम कोर्ट में न्‍याय मिलेगा। बीते रविवार को पीएम नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में हुई कैबिनेट मीटिंग में इस पर चर्चा हुई थी। बाद में, राष्‍ट्रपति शासन की सिफारिश को राष्‍ट्रपति के पास भेज दिया गया था। गृह मंत्री राजनाथ सिंह सोमवार को राष्‍ट्रपति से मिले थे और उन्हें बताया था कि केंद्र ने अरुणचाल में क्यों राष्‍ट्रपति शासन की सिफारिश कर ही है।

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