जेल में ही रहेंगे आसाराम, SC ने दिया बड़ा झटका, जमानत याचिका रद्द

0
136

asaram-bapu

नई दिल्ली- नाबालिग बालिका से रेप के मामले में पिछले 3 सालों से राजस्थान की जेल में बंद संत आसाराम बापू को आज सुप्रीमकोर्ट से भी राहत नहीं मिल सकी है | देश की सर्वोच्च न्यायालय ने आसाराम के द्वारा दायर मेडिकल के आधार पर जमानत याचिका और नियमित याचिका दोनों को ही खारिज कर दिया है | साथ ही कोर्ट ने आसाराम के खिलाफ जेल सुपरिंटेंडेंट का फर्ज़ी खत लगाने के मामले को भी बेहद गंभीरता से लेते हुए राजस्थान सरकार को एफआईआर दर्ज कर जांच करने के आदेश दिए है |

जान बूझकर अडंगा डाल रहे है आसाराम-
देश की सर्वोच्च न्यायालय ने आज आसाराम के रवैये के ऊपर नाराजगी जताते हुए कहा है कि आसाराम जान-बूझकर ट्रायल में बाधा उत्पन्न कर रहे है | कोर्ट ने यह भी कहा है कि जिस तरह से वह बार-बार ट्रायल में अडंगा डाल रहे है उसे बेहद गंभीरता से लिया जाना चाहिए | कोर्ट ने ट्रायल के दौरान गवाहों के ऊपर हुए हमलों के मामले का जिक्र करते हुए कहा है कि केस के ट्रायल के दौरान अब तक 104 बार जांच अधिकारी को कोर्ट में क्रास एग्ज़ामिनेशन के लिए बुलाया गया है साथ ही गवाहों को भी बुलाया गया लेकिन इस दौरान बेहद दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से गवाहों के ऊपर हमले भी हुए जिसमें 2 गवाहों की जान भी जा चुकी है |

कोर्ट ने कहा कि इस तरह के हालातों में जहाँ एक तरफ गवाहों के ऊपर हमले हो रहे है और दूसरी तरफ अपनी जमानत याचिका की मंजूरी के लिए आसाराम जेल सुपरिंटेंडेंट के फर्जी लेटर का भी प्रयोग कर रहे है इस मामले को हलके में नहीं लिया जा सकता है और न ही आसाराम बापू की जमानत याचिका को ही मंजूर किया जा सकता है |

राजस्थान सरकार को दिए जांच के आदेश –
उधर मेडिकल आधार पर जमानत के लिए जोधपुर की जेल के सुपरिंटेंडेंट का फर्जी खत दाखिल करने के मामले को गंभीरता से लेते हुए कोर्ट ने कहा है कि आसाराम बापू ने जिस तरह से फर्जी ख़त बनाकर कोर्ट को गुमराह करने की कोशिश की है उसके लिए राजस्थान सरकार उनके खिलाफ तत्काल मुकदमा दायर करे और इस मामले की गंभीरता से जांच भी होनी चाहिए | कोर्ट ने कहा कि बिना शर्त माफ़ी मांग लेने से मामला ख़त्म नहीं हो जाता है यह एक गंभीर अपराध है और इसके खिलाफ मुकदमा तय है |

गौरतलब है कि आसाराम बापू ने मेडिकल के आधार पर जमानत के लिए जोधपुर के जेल सुपरिंटेंडेंट का फर्जी खत दाखिल किया था जिस पर केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया था कि उनके द्वारा दिया गया लेटर फर्जी है और उन्हें जमानत नहीं मिलनी चाहिए |आपको बता दें कि उक्त मामले में बाद में आसाराम ने भी यह मान लिया था कि उनके द्वारा कोर्ट को दिया गया पात्र फर्जी था और इसके लिए उन्होंने कोर्ट से बिना शर्त माफ़ी भी मांग ली थी |

बता दें कि आसाराम बापू एक नाबालिग बच्ची से रेप के मामले में पिछले 3 सालों से जेल में बंद है और उनके खिलाफ मामला अभी भी कोर्ट में विचाराधीन है | आसाराम के खिलाफ मामले की जांच चल रही है | आसाराम ने कई बार मेडिकल का सहारा लेकर जमानत याचिका लगायी है लेकिन हर बार उन्हें मुंह की खानी पड़ी है इस बार भी कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है |
हिंदी समाचार- से जुड़े अन्य अपडेट लगातार प्राप्त करने के लिए लाइक करें हमारा फेसबुक पेज और आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं |

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here