इटावा यमुनापारी बकरी प्रजनन केन्द्र डाक्टरों ने दिया किराये पर, बांधे जा रहे जानवर

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इटावा(ब्यूरो): यमुनापारी बकरा जंगल में चुंगकर भर रहा पेट, दाना खा रहे एक कर्मचारी के पशु संवाद सहयोगी चकरनगर : चकरनगर के यमुनापारी बकरी प्रजनन केन्द्र पर बने कमरे और वरामदे को डाक्टरों ने किराये पर उठा दिया है। जिसमें ग्रामीणों के आधा दर्जन पशुओं को छाया में बांधा जा रहा है और प्रजनन केन्द्र का बकरा जंगल में घास फूंस चुंगकर किसी तरह पेट भर रहा है। वहीं डाक्टर ऑफिस में चारपाई डालकर चैंन की नींद ले रहे है और बकरे का दाना एक कर्मचारी के पशु खा रहे है। जिनका दूध अधिकारी पी रहे है।

चकरनगर के यमुनापारी बकरी प्रजनन केन्द्र पर शुक्रवार को घोर लापरवाही देखने को मिली। यमुनापारी बकरी प्रजनन के लिये रखा गया बकरा केन्द्र से लापता था और ग्रामीणों के आधा दर्जन जानवर प्रजनन केन्द्र कैम्पस के कमरा व कार्यालय के बाहर बरामदे में बंधे थे। वहीं रोचक बात तो यह है कि प्रजनन केन्द्र परिषर में डाक्टर राहुल कुमार की सरकारी गाड़ी खड़ी थी और डाक्टर साहब आफिस में चारपाई डालकर सो रहे थे। उक्त दृष्य को एक पत्रकार अपने कैमरे में कैद कर रहा था, तो डाक्टर साहब तो नींद से जागे नहीं, किन्तु डाक्टर के वाहन चालक ने आवाज देकर डाक्टर को जगाया। तदोपरांत एक पड़ोसी बुलाकर उस चारपाई को ऑफिस से बाहर भिजवाया गया।

वहीं इस संबंध में जब डाक्टर राहुल कुमार से बात की गयी, तो उन्होने बताया कि छाया न होने के कारण बकरे को पड़ोसी के यहां छाया में बंधवा दिया जाता है। लेकिन जब उनसे पूछा गया कि आपके कैम्पस में आधा दर्जन जांनवर बंधे है, तो क्या एक बकरा नहीं बांधा जा सकता था। इसके पूर्व डाक्टर ने कैम्पस में जांनवर बांधने की बात को स्वीकार किया और बकरा को बाहर बांधने के कई बहाने बताये। वहीं सूत्रों की मांने तो उक्त यमुनापारी बकरी प्रजनन केन्द्र को डाक्टर ने किराये पर उठा दिया है, जिसके एवज में डाक्टर को उक्त पशुओं का दूध मिलता है। वहीं सूत्रों ने तो यहां तक दावा किया है कि बकरा को जंगल में चुंगने के लिये छोड़ दिया जाता है और उक्त बकरा के भूसा व दाना को प्रजनन केन्द्र पर तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के पशु खा रहे है। अब उपरोक्त बाकिये से अंदाजा तो लगाया ही जा सकता है कि योगीराज की मुहिम को किस तरह से बीहड़ क्षेत्र चकरनगर के अधिकारी कर्मचारी पलीता लगाने में जुटे है, जिन्हे देखने सुनने बाला जिले में भी कोई नहीं है।

रिपोर्ट- रामकुमार राजपूत

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