माली में संयुक्त राष्ट्र केंद्र पर हमले में 3 की मौत

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хлеб монастырский состав उत्तरी माली के किदाल शहर स्थित संयुक्त राष्ट्र शांति सैनिक केंद्र पर शनिवार को कुछ अज्ञात हमलावरों ने रॉकेटों से हमला किया, जिसमें तीन लोगों की मौत हो गई। संयुक्त राष्ट्र ने यह जानकारी दी है। यह हमला पश्चिम अफ्रीकी देश में इस्लामी चरमपंथियों के गहराते संकट का ताजा संकेत है।

ордината и абсцисса на графике माली में संयुक्त राष्ट्र शांति बल (मिनुस्मा) के प्रवक्ता ओलिवियर सलगादो के मुताबिक, हमला तड़के चार बजे (भारतीय समय के अनुसार सुबह साढ़े नौ बजे) किया गया। इस दौरान केंद्र पर चार या पांच राकेट गिरे। इसमें दो शांति सैनिकों और एक नागरिक ठेकेदार की मौत हो गई। हमले में 20 से अधिक लोग घायल हो गए हैं, जिनमें से चार की हालत गंभीर है। सलगादो ने मारे गए शांति सैनिकों की नागरिकता नहीं बताई मगर संयुक्त राष्ट्र के एक सूत्र ने कहा कि मारे गए शांति सैनिक गिनी के थे। यह हमला ऐसे समय हुआ है जिससे पहले, 20 नवंबर को माली की राजधानी बमाको के एक होटल पर हमला कर इस्लामी चरमपंथियों ने 20 लोगों को मार डाला था।

http://k-profil.com/mail/skolko-metrov-do-peshehodnogo-perehoda-nelzya.html сколько метров до пешеходного перехода нельзя माली में इस समय फ्रांसीसी सेना के अलावा और मिनुस्मा के तहत संयुक्त राष्ट्र के 10 हजार शांति सैनिक तैनात हैं। मिनुस्मा में ज्यादातर सैनिक माली के पश्चिमी अफ्रीकी पड़ोसी देशों के हैं। वे फ्रांस के इस पूर्व उपनिवेश में स्थिरता कायम करने की कोशिश कर रहे हैं। माली में शांतिरक्षक मिशन को साल 2014 में स्वीकृति दी गई थी। इससे पहले फ्रांस ने उत्तरी माली से इस्लामी चरमपंथियों को खदेड़ने का सैन्य अभियान शुरू किया था।

чм 2014 по футболу таблица रेगिस्तानी इलाकों में जमे जेहादी संयुक्त राष्ट्र के उत्तरी माली स्थित ठिकानों पर अक्सर रॉकेट और मिसाइल से हमले करते रहते हैं। ऐसे हमले खासकर पूर्णिमा के आसपास किए जाते हैं जब रातें अपेक्षाकृत रोशन होती हैं। कम अंधेरे वाली रातों में कैंपों को निशाना बनाना आसान होता है। हालांकि ऐसा दुर्लभ है कि मिसाइल कैंप के अंदर गिरे हों। शनिवार को हुए हमले की फिलहाल किसी समूह ने जिम्मेदारी नहीं ली है।

http://nedvizhimost4you.ru/library/ksolar-instruktsiya-po-primeneniyu.html ксолар инструкция по применению как сделать светомузыку दो दिन पहले मिली थी चेतावनी
उत्तरी माली के एक सुरक्षा सूत्र ने शनिवार को कहा कि किदाल केंद्र को दो दिन पहले एक अनाम जेहादी समूह ने चेतावनी मिली थी। किदाल के एक अधिकारी ने भी शनिवार के हमले के लिए कट्टरपंथी इस्लामियों को जिम्मेदार ठहराया। साल 2012 में इस्लामी लड़ाकों ने उत्तरी माली में प्रभाव जता लिया था। उनमें से कुछ अलकायदा से जुड़े थे। लेकिन एक साल बाद ही फ्र ांस ने अभियान चलाकर उन आतंकियों को खदेड़ने की कोशिश की थी। पिछले हफ्ते बमाको में होटल पर हुए हमले की जिम्मेदारी तीन आतंकी गुटों ने ली थी। वे हैं, अलकायदा इन इस्लामिक मेघराब (एक्यूएमआई), अल मोउराबिटोउन और मसीना लिबरेशन फ्रंट (एमएलएफ)। सुरक्षा विश्लेषकों की मानें तो ये आतंकी समूह आपसी तालमेल बना सकते हैं।