जीएसटी के प्रति अधिकाधिक व्यापारियों को जागरूक किया जाय : जिलाधिकारी

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बहराइच (ब्यूरो) एक जुलाई से लागू होने जा रहे जीएसटी के सुचारू रूप से क्रियान्वयन के दृष्टिगत जिलाधिकारी अजय दीप सिंह की अध्यक्षता में जनपद के सीएससी संचालकों और व्यापारियों को ठाकुर हुकुम सिंह किसान पीजी कालेज सभागार में सीएससी ई-गवर्नेंस सर्विसेज इण्डिया लिमिटेड के द्वारा एक दिवसीय प्रशिक्षण दिया गया। प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान सीएससी संचालकों और व्यापारियों को जीएसटी की बारीकियों केे बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गयी।

प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी श्री सिंह ने कहा की जीएसटी आज रात्रि 12 बजे से देश भर में लागू हो जायेगी और सभी सीएससी संचालकों का आहवान किया कि वे सब पूरे मनोयोग से प्रशिक्षण प्राप्त करें तथा किसी भी प्रकार के असमन्जस की स्थिति में व्यापार कर विभाग के अधिकारियों से सीधे फोन पर सम्पर्क कर जानकारी प्राप्त कर सकते हैं ताकि व्यापारियों का पंजीकरण एवं रिटन्र्स आदि भरने में कठिनाई उत्पन्न न हो। जिलाधिकारी ने कहा कि जीएसटी एक बेहतर व अद्यतन व्यवस्था है, जो जारी सहूलियतों के साथ लागू होगी। उन्होंने कहा कि जीएसटी के प्रति अधिकाधिक व्यापारियों को जागरूक किया जाय, ताकि व्यापारीगण पूरी तत्परता के साथ जीएसटी सेवाओं को अपनाकर सुविधाजनक महसूस करें।

वर्तमान अप्रत्यक्ष कर प्रणाली में राज्य सरकार द्वारा वस्तुओं एवं सेवाओं पर 8 अलग-अलग प्रकार के कर लगाए जाते हैं। इनके अलावा, केन्द्र सरकार द्वारा भी विभिन्न कर तथा सेस लगाए जाते हैं, जिनसे उपभोक्ताओं पर करों की दोहरी मार पड़ती है और करदाता को विभिन्न विभागों के चक्कर लगाने पड़ते हैं। साथ ही, कैस्केडिंग प्रभाव के कारण वस्तुओं की लागत मूल्य में वृद्धि होती है। विभिन्न राज्यों में अलग-अलग तरह की कर प्रणाली लागू होने से देश की अर्थव्यवस्था में राज्यों के बीच विभिन्न बाधाएं आती हैं। इससे देश का आर्थिक विकास बाधित होता है व निवेशकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि 01 जुलाई से लागू होने वाली जीएसटी प्रणाली देश और प्रदेश की अर्थव्यवस्था में क्रान्तिकारी सूत्रपात करेगी। 

जिलाधिकारी ने जीएसटी को पारदर्शी प्रणाली बताते हुए कहा कि इसके प्राविधान अत्यन्त सुगम बनाए गए हैं। कर की दरें तय करते समय आम उपभोक्ता एवं किसानों का पूरा ध्यान रखा गया है। किसानों द्वारा उत्पादित वस्तुओं, खाद्यान्न, दलहन, फल, सब्जी, दूध, दही, गुड़, नमक आदि को जीएसटी में कर मुक्त रखा गया है। इस प्रणाली में छोटे व्यापारियों और उद्यमियों का भी ध्यान रखा गया है। सभी व्यवस्थाएं आॅनलाइन रखी गई हैं, जिससे व्यापारियों को कार्यालय आने की आवश्यकता लगभग समाप्त हो जाएगी। उन्होंने कहा कि व्यापारियों को जीएसटी के प्राविधानों की समुचित जानकारी न मिलने के कारण इस नई कर प्रणाली के बारे में उनके मन में कुछ भ्रांतियां और शंकाएं हैं, जिनका समाधान किया जाना जरूरी है। यह सभी का दायित्व है कि जीएसटी के सम्बन्ध में सही जानकारी आम उपभोक्ताओं एवं व्यापारियों तक पहुंचे, जिससे उनकी भ्रांतियां व शंकाएं दूर हो सकें।

कार्यशाला में सीएससी संचालकों को जीएसटी (गुड्स सर्विसेज टैक्स) के बारे में व्यापार कर विभाग के अधिकारियों द्वारा विस्तार से बताया गया। वाणिज्य कर अधिकारी अनुभव सिंह तथा डिप्टी कमिश्नर वीपी सिंह ने बताया कि एल्कोहल तथा पेट्रोलियम पदार्थों को छोड़कर शेष सभी पदार्थों पर जीएसटी लागू होगा। उन्होंने बताया कि जीएसटी में विभिन्न प्रकार के पन्द्रह टैक्स समाहित किए गए हैं। उन्होंने सीएससी संचालकों को बताया कि अधिक से अधिक व्यापारियों का जीएसटी में पंजीकरण एवं रिटन्र्स दाखिल करें।

कार्यशाला के दौरान जिला सूचना विज्ञान अधिकारी सैय्यद अंसार हैदर रिजवी तकनिकी निदेशक, वाणिज्य कर विभाग से एसएन सिंह व एस सी श्रीवास्तव, सीएससी जिला प्रबंधक प्रमोद यादव व निशांत सिंह, जिला समन्यवक जुनैद, एनआईसी के संदीप द्विवेदी, व्यापार मंडल से गौरीशंकर भानीरामका सहित अन्य व्यापारीगण व जनपद के सीएससी संचालक उपस्थित रहे।

रिपोर्ट – राकेश मौर्य

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