रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत डेंगू एडीज मच्छर काटने से होने वाले रोगों से बचाव एवम नियंत्रण हेतु कैम्प लगाकर लोगों को जागरुक किया गया

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वाराणसी (ब्यूरो) जिला चिकित्सालय पण्डित दीनदयाल उपाध्याय राजकीय चिकित्सालय में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाक्टर एसके उपाध्याय एवम राष्ट्रीय वेक्टर जनित रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत डेंगू एडीज मच्छर काटने से होने वाले रोगों से बचाव एवम नियंत्रण हेतु अस्पताल में कैम्प लगाकर मरीजों संग परिजनों को बताया व समझया गया । वाराणसी जिलाधिकारी के निर्देश पर सीएमओ डॉक्टर बीबी सिंह एवं पण्डित दीनदयाल अस्पताल के मुख्य चिकित्साअधीक्षक डॉक्टर एस. के. उपाध्याय के द्वारा अस्पताल में कैम्प लगाया गया अस्पताल के मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डाक्टर एस.के. उपाध्याय के आदेश पर पं दीनदयाल अस्पताल में बीते गत दिनो दस जुलाई से लगातार मिश्री लाल वरिष्ठ क्षेत्र सेवक ने कैम्प लगाकर डेंगू एडीज मच्छर के काटने से होने वाले रोगों से बचाव के बारे में मरीज के साथ -साथ परिजनों को भी डेंगू मच्छर काटने से होने वाले रोगों से बचाव के बारे में बताया और समझाया ।

वरिष्ठ क्षेत्र सेवक मिश्री लाल से बातचीत में बताया गया की जिलाधिकारी का आदेश है की जब तक की लोगों को डेंगू मच्छर से होने वाले रोगो के बारे में पूरी तरह से ज्ञान हो जाये तब तक कैम्प लगाया जायेगा | इसके साथ ही बताया गया कि अभी बनारस में तीन चिकित्सालय में कैम्प लगाया गया है, तीनो अस्पताल में हर जगह एक कैम्प लगाया गया है, मरीजों एवम परिजनों से कहा की डेंगू रोग की कैसे करे पहचान ? डेंगू के लक्षण व पहचान के बारे में भी लोगों को बताया गया कहा गया की डेंगू के कुछ साधारण लक्षण होते है “तेज सिरदर्द व बुखार का होना, माँसपेशियों तथा जोड़ो में दर्द होना, आँखो के पीछे दर्द होना, जी मिचलाना एवम उल्टी होना, नाक मुँह मसूड़ो से खून आना जैसी कई प्रकार के और भी लक्षण होते है ।

इसके साथ ही यह भी बताया गया की डेंगू फैलाने वाला मच्छर घरों के अन्दर व आसपास रुके हुए साफ पानी में पनपता है जैसे की कूलर, पानी की टंकी, पक्षियों के पीने के पानी का बर्तन, फ्रिज की ट्रे, फूलदान, नारियल का खोल, टूटे हुए बर्तन, टायर इत्यादि अन्य तरह के चीजो में रखे पानी की गंदगी से होता है |

कैसे रहे सावधान
पानी से भरे हुए बर्तनों व टंकियों आदि को ढक कर रखे ;सप्ताह में एक बार कूलर को खाली करके सुखा दे ;यह मच्छर दिन के समय काटता है; ऐसे कपड़े पहने जो बदन को पूरी तरह ढके ।;डेंगू के उपचार के उपचार के लिये कोई खास दवा या वैक्सीन नही है ।बुखार उतारने के लिये पैरासिटामोल ले सकते हैं परंतु एस्प्रीन या आईब्रूफेन का इस्तेमाल ना करे ।अधिक बुखार रहने पर डाक्टर की सलाह ले । डाक्टर की सलाह पर रोगी को अस्पताल में अवश्य भर्ती करा दे |

रिपोर्ट – सन्तोष कुमार सिंह

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