अयोध्या का प्रसाद घातक हैं , जांच में हुयी पुष्टि

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अयोध्या(फैजाबाद ब्यूरो)
– रामनगरी अयोध्या धर्म और आस्था का केन्द्र है, लेकिन जब धर्म एवं आस्था के साथ ही खिलवाड़ होने लगे जो समझो धर्म का पतन शुरू हो गया है। मर्यादापुरूषोत्तम भगवान श्री राम की नगरी अयोध्या में कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है। अयोध्या स्थित सिद्धपीठों हनुमानगढ़ी, कनकभवन, रामलला, नागेश्वरनाथ, छोटी देवकाली, क्षीरेश्वरनाथ सहित अन्य मंदिरों में भक्तों द्वारा दर्शनोपरांत प्रसाद चढ़ाने की परंपरा है। भिन्न-भिन्न मंदिरों में अलग-अलग प्रसाद चढ़ाये जाते हैं जैसे हनुमानगढ़ी में लड्डुओं का प्रसाद, कनकभवन में पेड़ा प्रसाद तथा कई मंदिरों में गट्टा और इलायची भी प्रसाद के रूप में भगवान को भक्त समर्पित करते हैं। लेकिन खाद्य विभाग की एक रिर्पोट चौकाने वाली है। रिर्पोट में बताया गया है कि भगवान को चढ़ाया जाने वाले प्रसाद खासकर गट्टा व इलायची में केमिकल का प्रयोग धड़ल्ले से किया जा रहा है जो आस्था के साथ खिलवाड़ तो है ही साथ ही साथ प्रसाद ग्रहण करने वाले लोगों के लिए भी यह हानिकारक साबित हो सकता है।

खाद्य विभाग की जांच में आये नतीजों से लोग हैरान 
रामनगरी अयोध्या स्थित विभिन्न मठ-मंदिरों में प्रसाद के रूप में गट्टा और इलायची दाना खूब चढ़ाया जाता है श्रद्धालु यहां से प्रसाद लेकर अपने घरों को जाते हैं। गट्टा और इलायची दाना में शाइनिंग लाने के लिए जिस प्रकार से केमिकल का प्रयोग किया जा रहा है वह जानलेवा साबित हो सकता है। खाद्य विश्लेषण की केन्द्रीय प्रयोगशाला ने इस मानव स्वास्थ्य के लिए हानिकारक बताया है तथा गट्टा बेचने वालों पर कार्यवाही की तैयारी हो रही है। सावन मेला के दौरान खाद्य विभाग की टीम ने नयाघाट स्थित विनोद केसरवानी की दुकान से गट्टे का नमूना सील किया था। यह नमूना जांच के लिए प्रयोगशाला में भेजा गया। केन्द्रीय लैब में जांच के बाद जो रिर्पोट सामने आये वह चैंकाने वाली थी। रिर्पोट में गट्टे में केमिकल मिश्रण की बात सामने आयी जो स्वास्थ्य के लिए अत्यन्त हानिकारक है। इसमें आप्टिकल व्हाइटनर की मिलावट पायी गयी है यह लीवर व किडनी पर प्रभाव डाल सकता है।

संतों ने इस तरह की घटनाओं पर जताया अफ़सोस- रामनगरी अयोध्या के मंदिरों में चढ़ने वाले प्रसाद को लेकर अब सावधानी बरतने की जरूरत है। रामलला के पुजारी आचार्य सत्येन्द्र दास कहते हैं कि दूर-दराज से आने वाले भक्त श्रद्धापूर्वक प्रसाद खरीदकर भगवान को अर्पित करते हैं, भगवान को शुद्ध प्रसाद चढ़ाया जाना चाहिए, केमिकल युक्त मिलावटी प्रसाद चढ़ाने से भगवान रूष्ट हो सकते हैं। साथ ही साथ ऐसे पदार्थ खाकर भक्तों की सेहत भी बिगड़ सकती है जो धर्म एवं आस्था पर कुठाराघात है। उन्होंने सभी मंदिरों के पुजारियों एवं महांतों से अनुरोध किया है कि मंदिरों में शुद्ध प्रसाद ही चढ़ाये जायें।

रिपोर्ट- दीपक मिश्रा

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