राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय में नहीं रुक रही मनमानी, २० मई को बिना किसी अवकाश के दिनभर बंद रहा ताला

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उन्नाव ब्यूरो : सरकार तो बदली, निजाम भी बदले लेकिन बदल न सका प्रशासन का रवैया । अखबार में ख़बर प्रकाशित होने के बाद भी राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय के कर्मचारियों पर कोई असर न पड़ा और तो ओर अब उनके हौंसले ओर भी बुलंद ही गये ।

एक तरफ सूबे के मुखिया योगी आदित्यनाथ नॉकरशाहों के लिए निर्देश पर निर्देश जारी किए जा रहे है जिसमे उनका सख्त निर्देश है कि सभी अधिकारी कर्मचारी समय से अपने कार्यालय पहुचेंगे और पूरे समय कार्यालय में ही रुकेंगे, लेकिन ये आदेश निर्देश हसनगंज के ग्राम हँसेवा स्थित राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय के के कर्मचारियों के लिए खोखले साबित हो रहे हैं क्यों कि अभी तक तो अस्पताल खुलता है और वार्डब्वाय ही चिकित्सक की भूमिका निभाकर सबको दवाई देता है क्योंकि चिकित्सक तो महीनों में एक बार आकर पूरे महीने की हाजरी भर देती हैं, जिससे अस्पताल जाने वाले ग्रामीणों को समस्या होती है, जिसकी ख़बर 18 मई को अखण्ड भारत ने प्रमुखता से प्रकाशित की थी लेकिन प्रकाशन के बाद भी जिला प्रशासन द्वारा कोई कार्यवाही न की गई और अस्पताल ज्यो का त्यों चलता रहा | खबर के बाद भी प्रशासन के द्वारा कार्यवाही न किये जाने से अस्पताल प्रशासन के हौसले और भी ज्यादा बुलंद हो गए है, जिससे अब अस्पताल प्रशासन अस्पताल खोलना भी मुनासिब नहीं समझता |


जी हां 20 मई को कोई सार्वजनिक अवकाश भी नही था लेकिन आयुर्वेदिक चिकित्सालय का ताला सुबह से लेकर शाम तक खुल ही न सका, जिससे दवा लेने आये मरीज भटकते नजर आए । इससे तो यही लगता है कि योगी जी के आदेश-निर्देश खोखले है जिन का अनुपालन प्रशासन करना ही नही चाहता है, प्रशासन द्वारा कार्यवाही न किये जाने पर अधिकारी कर्मचारियो की मौज ही मौज है ।

रिपोर्ट – राहुल राठौड़

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