इन आयुर्वेदिक उपायों के जरिये कर सकते हैं जुकाम से बचाव

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Jukam

जुकाम – जब कभी भी हम असमय नहा लेते है या फिर भीग जाते है, मौसम बदल रहा होता है या फिर कहें तो सामान्य स्थित में जरा भी अगर परिवर्तन होता है और उसके बाद जो समस्या सबसे पहले हमें परेशान करने के लिए उठ खड़ी होती है उसे जुकाम कहते है I

अगर हम आयुर्वेद की बात करें तो इसमें जुकाम को तीन भागों में वर्गीकृत किया गया है –

१) जुकाम

२) पुराना जुकाम (जो काफी दिनों से आपको पीड़ा दे रहा हो)

३) नज़ला

आखिर कैसे होता है जुकाम –

जुकाम का इलाज़ प्रारंभ करने से पहले हमारे लिए यह जान लेना और समझ लेना अत्यंत आवश्यक है कि जुकाम आखिर कैसे होता है और क्यों होता है I आपको बता दें कि जुकाम कई प्रकार के वायरस आदि के संक्रमण से हो जाता है। आयुर्वेद में इससे बचने के कुछ उपाय बतलाये गये हैं जो कुछ इस प्रकार से हैं –

  • ज्यादा अगर ठंड पड़ रही है तो आप प्रयास करके उसे बचें I सर्दी के मौसम में आप अपना बचाव करें हमेशा गर्म कपडें पहन कर रखें I अपने सर को ढँक कर रखें और असमय स्नान तो बिलकुल भी न करें I
  • गर्मियों के मौसम में तेज धूप से अपने आपको बचाने का प्रयास करें और जब तक अनिवार्य न हो आप इससे बाहर न निकलें I गर्मियों के मौसम में बहने वाली गर्म हवा जिसे लू कहा जाता है उससे भी अपने आपको बचायें इसके कारण से भी आप खतरें में पड़ सकते है I
  • बरसात के मौसम अक्सर बारिश होती रहती है और इस कारण से आप अक्सर भीग जाते होंगे लेकिन बरसात के मौसम में आप को चाहिए कि आप कम से कम भींगे और भींगे तो कोई बात नहीं लेकिन भीगे हुए कपडे आप बिलकुल भी न पहने I भीगे कपडे जुकाम को निमंत्रण देते है I
  • खान पान में आप हमेशा एक बात का ख़याल रखें कि आपको जिन चीजों का सेवन करने से समस्या होती है उनका सेवन कभी न करें I जिन चीजों से आपको एलर्जी है उन्हें मत खायें या फिर खाने से बचें I
  • जिन लोगों को जुकाम हो उनसे उचित दूरी बना कर रखें क्योंकि यह एक संक्रमण होता है और अगर आप जुकाम के रोगी के संपर्क में आ जाते है तो यह समस्या आपको भी हो सकती है I

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