विधान सभा अजगरा बुनियादी सुविधाओं से आज भी मीलों दूर

0
537

Uttar-Pradesh-Assembly-election-2017
वाराणसी चाँदमारी : अजगरा विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है और राजनीतिक पार्टियाँ अपनी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जोरोंशोर से लगीं है l चुनाव में जहाँ पार्टियाँ अपनी रणनीति तय कर रहीं हैं वहीं प्रत्याशी अपने हिसाब से जनता को लुभाने के प्रयास में लगें हैं l आज हम बात करने जा रहे हैं वाराणसी जनपद के अन्तर्गत आने वाले अजगरा विधानसभा की l यह विधानसभा पहले सैदपुर विधानसभा का अंग हुआ करता था l पिछले चुनाव 2012 में सैदपुर से अलग कर अजगरा विधानसभा बना और पहली बार जब चुनाव हुआ तो यहाँ की जनता को उम्मीद जगी की अब विधानसभा क्षेत्र का दायरा छोटा होने से वर्षों से उपेक्षित इस क्षेत्र का भी विकास होगा l इसी उम्मीद के साथ 2012 में हुए चुनाव में लोगों ने वोट दिया जिसमें सपा के लालजी सोनकर और बसपा के टी. राम के बीच नज़दीकी मुकाबले में टी. राम अजगरा के विधायक चुने गये l नौकरी से रिटायरमेंट के बाद राजनीति में आयें टी.राम से जनता को काफी उम्मीदें थी लेकिन चुनाव जीतने के बाद विधायक ने जनता से दूरी बना ली l विधायक के क्षेत्र से नदारद होने के कारण इस विधानसभा क्षेत्र में ज़रूरत के हिसाब से काफी कम विकास कार्य हुए l जहाँ जनता बुनियादी सुविधाओं जैसे बिजली, सड़क,पानी की किल्लत से जूझती रहीं वहीं विधायक विधानसभा क्षेत्र से गायब ही रहे l लोगों ने आरोप लगाया की जनता दुःख झेलती रहीं और विधायक विदेशो की सैर करने में मशगूल रहे l विधानसभा क्षेत्र के अन्तर्गत आने वाले कई ऐसे गाँव हैं जहाँ पर बुनियादी सुविधाओं की भारी कमी है,कही सड़क टूटी है तो कही पेयजल की किल्लत है l जब जब चुनाव आता है तब नेताओ को जनता की याद आती है उसके बाद जनता अपने हाल पर जिये इससे नेताओं को कोई फर्क नहीँ पड़ता l वहीं बसपा विधायक त्रिभुवन राम दावा करते हैं कि क्षेत्र के विकास के लिये काफी काम किया लेकिन जब उनसे बात करने के लिये फोन मिलाया गया तो उनका मोबाइल ही बंद मिला l विधानसभा क्षेत्र में विकास के दावों को मुँह चिढ़ाती हुईं नज़र आती है मुर्दहा से उदयपुर कि लगभग 5 किलोमीटर कि वर्षों से टूटी सड़क और काकलपुर के राजभर बस्ती में बुनियादी सुविधाओं का अकाल l सैदपुर विधानसभा के अन्तर्गत रहने के बाद भी इस इलाके को उपेक्षा का शिकार होना पड़ा तो वहीं अलग विधानसभा के गठन के बाद भी क्षेत्र के ज्यादातर हिस्से विकास कि परछाइयों से कोषों दूर हैं l

विधानसभा चुनाव कि तारीखें घोषित होते ही फिर से नेताओं के काफिले धूल उडाते हुए गाँव कि गलियों में दिखने लगीं हैं l वहीं क्षेत्रीय लोगो का कहना है की इस बार वे किसी के झाँसे में नहीँ आयेंगे l इसी कड़ी में पुआरीकला के लालबहादुर राजभर कहते हैं कि पिछले चुनाव से पहले वर्तमान विधायक ने क्षेत्र में विकास के लिये लोगों कि राय जानने के लिये सर्वे कराया जिससे लगा कि अब विकास होगा लेकिन चुनाव बाद न तो विधायक दिखे और न ही उनका सर्वे l वहीं काकलपुर बनारसी राजभर ने कहा कि चुनाव के पूर्व तो बहुत से वादे किये गये लेकिन एक भी वादा पूरा नहीँ हुआ,तो मुर्दहा गजानंद यादव ने कहा कि इस बार हम किसी के झांसे में नहीँ आने वाले जो प्रत्याशी ज़मीन से जुड़ा हुआ होगा वोट उसी को दिया जायगा जो विकास कर सकें l आयर के राजकुमार मिश्रा कहते हैं कि हर बार नेता जनता को लुभावनी बांते सुनाकर गुमराह करते हैं लेकिन विकास के नाम पर एक ढ़ेला तक क्षेत्र को मयस्सर नहीँ हुआ अबकी बार चुनाव में उसी प्रत्याशी को वोट देंगे जो जनता के हित की बात करे और क्षेत्र के विकास का भरोसा दिलाये l अब देखना यह है की इस बार अजगरा विधानसभा का चुनाव परिणाम किसके पक्ष में जाता है क्योंकि जहाँ नेता अपने प्रचार में तेजी से लगें हुए हैं तो वहीं जनता भी अपने सवालो को लेकर नेताजी का इंतजार कर रहीं है l

रिपोर्ट-नागेन्द्र कुमार यादव

हिंदी समाचार- से जुड़े अन्य अपडेट लगातार प्राप्त करने के लिए लाइक करें हमारा फेसबुक पेज और आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं |

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here