बाबा के दरश-परश को भक्त आतुर, इंद्र भी लगा रहे हाजिरी

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वाराणसी (ब्यूरो)- सावन के तीसरे सोमवार पर श्री काशी विश्वनाथ दरबार सहित जिले के सभी शिवालयों में आस्था और अनुराग की जमकर दरिया बही। भक्ति की आस्थामयी लहरें बाबा के चौखट से लेकर कैथी के मारकण्डेय महादेव और सारंगतलाब तक लहराती रहीं। लाखों शिवभक्त कांवरियों और डाक बम पर इंद्रदेव भी मेहरबान रहे। झमाझम बारिश के बीच भक्त बाबा का जलाभिषेक करते रहे। काशी पुराधिपति के दरश परश के लिए रविवार की शाम से श्रद्धालु गंगा स्नान करने के बाद कतारबद्ध हो गए। रात 10 बजे तक ही मंदिर के दोनों तरफ गोदौलिया और चौक तक लंबी कतारें लग गयी थीं। पूरी रात श्रद्धालु भोर होने का इंतजार करते रहे। भक्तों के जोश को देखकर मानों भगवान इंद्र भी शरमा गए और रविवार की रात से ही वर्षा शुरू हो गयी। जैसे-जैसे वर्षा की धार तेज होती वैसे-वैसे भक्तों का जयघोष तेज होता जाता। लगातार हो रही वर्षा के बीच शिवभक्त भी ‘भोले’ नाम के सहारे डटे रहे और अपनी कतारें नहीं तोड़ी। बाबा का भोर में पट खुला तो हर-हर महादेव का जयघोष लगने लगा। इस दौरान श्रद्धालुओं के चेहरे पर अलग रौनक देखने को मिली। मंगला आरती के बाद बाबा के जलाभिषेक का क्रम जो शुरु हुआ वह निरंतर चल रहा है। बारिश के बीच भगवान और भक्तों के प्यार का साक्षी बनने के लिए इंद्र ने भी मौसम बनाया और उमड़ते-घुमड़ते बादलों ने भी बाबा का जलाभिषेक किया।

मारकण्डे महादेव धाम में लगा भक्तों का रेला-
कैथी स्थित श्री मारकण्डे महादेव धाम में सावन के तीसरे सोमवार को भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी, बाबा मारकण्डेय महादेव के दर्शन के लिए लोग रात से ही लाइन में लगे रहे। बता दें कि गंगा गोमती के संगम स्थित मारकंडेश्वर महादेव मंदिर को काशी का उत्तरी द्वार कहा जाता है। काशी के शिवालयों में प्रमुख मारकण्डे महादेव मंदिर की द्वादश ज्योतिर्लिंगों के समकक्ष मान्यता है। सावन के तीसरे सोमवार को विभिन्न जिलों से हजारों की संख्या में आए कांवरियों से पूरा मेला क्षेत्र पटा हुआ था। वहीं गंगा घाट पर स्नान करने के लिए भी बड़ी संख्या में लोग जुटे थें। दर्शनार्थियों की भीड़ को देखते हुए प्रशासनिक अधिकारी भी चौकन्ना थें। मंदिर में जाने वाली लाइन को जगह- जगह रोक कर नियंत्रित किया जा रहा था। इस बीच दर्शनार्थियों और पुलिस के बीत कई बार झड़प भी हुई।

सारंगनाथ दरबार में भी आस्थावानों की भीड़-
काशी में सावन के तीसरे सोमवार को भक्तों के सीर पर बाबा भोलेशंकर का नाम और दर्शन करने की गजब की ललक देखी गई। जहां शहरी इलाकों में लोग शिवालयों में धूद, माला और पेल पत्र चढ़ाने को सुबह से लाइन में लगे रहे वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी भक्तों की खासा भीड़ लगी रही। बुद्ध की तपोस्थली सारनाथ में स्थित सारंगनाथ मंदिर में भी स्थानीय लोगों के साथ दूर-दराज से आए भक्तों की लम्बी लाइन लगी रही, जो दिन के साथ बढ़ती चली गई।

भक्तों का छलक रहा अनुराग-
यही हाल बीएचयू स्थित विश्वनाथ मंदिर, केदारघाट स्थित केदारेश्वर महादेव, तिलभांडेश्वर महादेव सहित सभी देवालयों में रहा। जहां आस्थावानों ने दूध, धतूरा, बेल पत्र चढ़ाया। दोनों सोमवार की अपेक्षा तीसरे सोमवार पर भी बाबा दरबार सहित विभिन्न शिवालयों में पूजन अर्चन जलाभिषेक के लिए मदार की माला, वेलपत्र, धतुरा जमकर बिका। सामान्य दिनों में पाँच रूपये में बिकने वाली मदार की माला 15 से लेकर बीस रूपये तक बिकी। वही एक पीस धतूरा दस रूपये में बिक गया। उधर सोमवार को बाबा विश्वनाथ के प्रति श्रद्धाभाव से लोगों ने व्रत रखा। शिवालयों और घरों में रूद्राभिषेक करा सुख शान्ति वैभव के लिए बाबा से गुहार लगायी।

रिपोर्ट- सर्वेश कुमार यादव 

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