यू.पी. पुलिस बाज नही आ रही हैं अमानवीयता से, पार कर दी सारी हदें

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प्रतीकात्मक फोटो सूबे की सरकार और पुलिस दोनों ही एक साथ
प्रतीकात्मक फोटो सूबे की सरकार और पुलिस दोनों ही एक साथ

यू.पी. पुलिस आये दिन अपनी जबरदस्ती और अमानवीयता से प्रसिद्धि की पराकाष्ठा को पार कर चुकी हैं I इस बात को एक बार फिर सूबे की पुलिस ने अपनी हरकतों के जरिये साबित कर दिया हैं I इस बार यू.पी. पुलिस का एक ऐसा अमानवीय और घिनौना कृत्य सामने आया हैं कि जिसे सुन आपका सूबे की पुलिस के ऊपर से तो भरोसा ही उठ जाएगा I राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से सटे हुए उत्तरप्रदेश के ग्रेटर नोएडा में पुलिस वालों ने दो लोगों के ऊपर सिर्फ इस लिए गोली चला दी क्योंकि उन्होंने पुलिस के इशारे पर गाडी रोकने में देरी कर दी थी I घायल ब्यक्ति का डाक्टरों को हाथ काटना पड गया I

आपको बता दें नोएडा के कैलाश अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच जूझ रहे जयप्रकाश पाण्डेय दो और लोगों के साथ रात में नोएडा से वापस आ रहे थे तभी इको 3 के पास पीसीआर नंबर 84 के एक पुलिस वाले ने उनसे गाडी रोकने को कहा ऐसा करने में देरी होने के कारण पुलिस के लोगों ने गाडी के पेपर चेक करने के बहाने शीसा नीचे करने के लिए कहा और जैसे ही पाण्डेय ने शीसा नीचे किया पुलिस वाले ने गोली चला दी I दोनों गाडी में बैठे लोग घायल हो गए जिसमें जयप्रकाश की हालत गंभीर हो गयी जिसकी वजह से डाक्टरों को उनका हाथ काटना पड गया हैं I

मात्र 23 वर्षीय जयप्रकाश पाण्डेय दिल्ली के न्यू अशोक विहार के रहने वाले और वह केंद्रीय गृहमंत्रालय में काम करते हैं I सूत्रों के माध्यम से प्राप्त जानकारी के मुताबिक पुलिस वालों ने उस वक्त शराब पी रखी थी I

पुलिस वालों ने गोली मारने के बाद वायरलेस पर इस बात की जानकारी दी की वह बदमाश हैं और उन्होंने पास की बिल्डिंग में ड्यूटी पर तैनात गार्ड से फायरिंग के लिए कहा उसके बाद पुलिस वालों ने गार्ड को गिरफ्तार कर लिया I इन सभी बातों की जानकारी पाण्डेय के घर वालों को तब पता चली जब वह थाने में पहुंचे I गार्ड ने उन्हें पूरी जानकारी दी और गार्ड अभी भी पुलिस की हिरासत में हैं I

जब डाक्टरों ने गोली निकाली तब पता चला कि जो गोली जयप्रकाश पाण्डेय को लगी थी वह किसी और की नहीं बल्कि पुलिस वालों के द्वारा चलायी गयी थी I आप बता दें कि यू. पी. पुलिस के इस रवैये से छुब्ध होकर हाल ही में इलाहबाद हाईकोर्ट ने अखिलेश यादव सरकार को होश में आने की सलाह भी दे चुकी हैं I लेकिन इस तरह की हरकतों को देखकर ऐसा नहीं लगता हैं कि सूबे में कानून नाम की भी कोई चीज हैं I

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