बड़े-बड़े वादे कर मासूम जनता से वोट मांगने वाले प्रधानों ने किया है कितना विकास कार्य, जानें

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बीघापुर/उन्नाव (ब्यूरो)- चुनाव के समय गाँवों में जनता से विकास के नाम पर वोट माँगने वाले ग्राम प्रधानों ने गाँवों में कितना विकास किया बरसात ने सारे विकास की पोल खोल दी। विकास खण्ड में जहाँ कुछ ग्राम प्रधानों ने सरकार द्वारा भेजे गए चतुर्थ, राज्य वित्त/चैदहवाँ वित्त से धन निकाल कर गाँवों के विकास कार्यों में व्यय किया।वहीं कुछ ग्राम प्रधानों ने इस मद से सिर्फ कोरम पूरा करने के लिए ही धन व्यय किया,जिससे ग्राम सभाओं का विकास अवरुद्ध हुआ।

प्राप्त आकड़ों के अनुसार अकबरपुर ग्राम सभा में रु. 2010315.00 में से रु. 169848.00 का व्यय किया गया। वहीं अरम में रु. 661310.00 में से रु. 576277.00, खेसुआ में रु. 513662.00 में से रु. 459253.00, लालगंज द्वितीय में रु. 1038885.00 में से रु. 1029824.00, सारूखेड़ा में रु. 1568083.00 में से रु. 1236930.00, घाटमपुरखुर्द में रु. 1718281.00 में से रु. 1429497.00, धुआँधार में रु. 1001004.00 में से रु. 819292.00, त्रिलोकपुर में रु. 1382426.00 में से रु. 1031472.00, दुन्दपुर द्वितीय में रु. 1287309.00 में से रु. 1082539.00, दाँदामऊ में रु. 911370.00 में से रु. 877144.00 व्यय हुआ। ये कुछ ऐसी ग्राम सभाएं हैं जहाँ विकास निधि का भरपूर उपयोग किया गया।

रायपुर में रु. 785925.00 में से मात्र 69.00 रु. ही खर्च गिए गए।ीारथीपुर में भी रु.975348.00 में से केवल 69 रु. ही खर्च किए गए।पाही हरदो में रु. 1601376.00 में से रु. 370837.00, हरिष्चन्द्रपुर में रु. 936767.00 में से रु. 141105.00, लालखेड़ा में रु. 772084.00 में से रु. 96017.00, ओसियाँ में रु. 2987009.00 में से रु. 948394.00, अकवाबाद में रु. 1409066.00 में से रु. 295153.00, धानीखेड़ा में रु. 1789531.00 में से रु. 353902.00 , अलीपुर में रु. 1500125.00 में से रु. 407568.00, सगवार में रु. 2136578.00 में से रु. 765329.00, करनाईपुर में रु. 1153296.00 में से रु. 493410.00, चिलौली में रु. 1657538.00 में से रु. 303023.00, पाली में रु. 1221987.00 में से रु. 291077.00, अधुर्जपुर में रु. 704577 में से रु. 244136, पाण्डेयपुर में रु. 787621 में से रु. 250441, लालगंज प्रथम में रु. 11166655 में से रु. 572968, नसीरपुर में रु. 16298025 में से रु. 977780, कटरादीवानखेड़ा में रु. 2588139 में से रु. 679920, टेढ़ा में रु. 2354202 में से रु. 615317, घटमपुरकला में रु. 1756389 में से रु. 791882, मगरायर में रु. 2542392 में से रु. 1159534, कुकुरी में रु. 828923 में से रु. 453604, धमनीखेड़ा में रु. 894393 में से रु. 181834, परसण्डा में रु. 1497799 में से रु. 324514, इन्दामऊ में रु. 1417897 में से रु. 632243, बरदहा में रु. 3390070 में से रु. 1794335 ही व्यय किया गया।

अब सवाल यह उठता है कि खातों में विकास के लिए अकूत धन होने के बाद भी ग्राम सभाओं ने इसका उपयोग क्यों नहीं किया ? बताया जाता है कि इस इस खाते से अधिकरतर पक्के कार्यों को ही कराये जाने की बाध्यता है। कुछ ग्राम प्रधानों से जब विकास का पैसा खर्च न किए जाने को लेकर बात की गई तो उनका कहना था कि कुछ ग्राम सभाओं में कराए गए विकास कार्यों की जांच होने लगी जिस कारण से अन्य ग्राम प्रधानों ने भय वष कार्य ही नहीं कराए।

अब सच्चाई क्या है यह तो सम्बन्धित लोग ही जाने फिलहाल ग्राम सभाओं का विकास अवष्य अवरुद्ध हो गया है। जब इस बाबत खण्ड विकास अधिकारी सुषील कुमार सिंह ने बात की गई तो उनका कहना था कि जिन ग्राम सभाओं ने विकास निधि खातों में होते हुए भी कार्य नहीं कराए हैं उनके खिलाफ कारण बताओ नोटिस जारी की जाएगी।

रिपोर्ट- मनोज सिंह

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