6334 कछुआ बरामदगी के मामले में जिलाजज सप्तम की अदालत में जमानत अर्जी प्रस्तुत

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सुल्तानपुर : 6334 कछुआ बरामदगी के मामले में आरोपी राज बहादुर की तरफ से अपर जिलाजज सप्तम की अदालत में जमानत अर्जी प्रस्तुत की गई। जिसे सत्र न्यायाधीश अजय कुमार दीक्षित ने खारिज कर दिया है। मालूम हो कि बीते दिसम्बर माह में राज बहादुर को 120 बोरे में तस्करी के लिए भरे 6334 कछुओं के साथ एसटीएफ व पुलिस टीम ने गिरफ्तार कर जेल भेजने की कार्यवाही की थी। जिसके खिलाफ प्रकरण के विवेचक एसडीओ फारेस्ट वीके पाण्डेय 60 दिन बीतने के बाद भी आरोपपत्र नहीं दाखिल कर सके थे। जिन्हें सीजेएम कोर्ट से कार्यवाही की चेतावनी देते हुए तलब भी किया गया था।

इसी मामले में राजबहादुर की तरफ से पहले से ही लम्बित चल रही जमानत अर्जी पर शुक्रवार को एडीजे सप्तम की अदालत में सुनवाई चली। जिस पर सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष के तर्कों को निराधार बताते हुए शासकीय अधिवक्ता रमेश चन्द्र यादव ने विरोध जताया। तत्पश्चात अदालत ने जमानत अर्जी खारिज कर दी। वही लापरवाह विवेचक एसडीओ फारेस्ट ने जिम्मेदार पद पर बैठे होने के बावजूद गैरजिम्मेदाराना बयान देते हुए कहा कि चार्जशीट दाखिल न हो पाने के पीछे उनकी कोई गलती नही है और वे समयावधि बीतने के बाद शुक्रवार को आरोपी राजबहादुर के विरुद्ध चार्जशीट दाखिल करने के बात कह रहे है,जबकि मिली जानकारी के मुताबिक अब भी आरोपपत्र दाखिल ही नही किया गया है,बल्कि सीजेएम कोर्ट ने उनसे स्पष्टीकरण मांगा है,फिलहाल आरोपी राजबहादुर की तरफ से अभी तो सीजेएम कोर्ट में चार्जशीट समय से दाखिल न होने के चलते बने आधार पर जमानत की मांग नहीं की गई है। लेकिन जमानत की मांग करने पर उसे लाभ मिलना तय माना जा रहा है और अपने दायित्वों में जानबूझकर लापरवाही बरत कर मुल्जिम को लाभ दिलाने वाले एसडीओ फारेस्ट पर भी विभागीय एवं अन्य कार्यवाहियों की गाज गिरना तय माना जा रहा है।

रिपोर्ट – संतोष कुमार यादव

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