आप विधायक दिनेश मोहनिया की जमानत याचिका ख़ारिज|

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Dinesh-Mohaniya
                                                             Image Courtesy – The Week

दिल्ली में पहले महिलाओं और फिर एक बुजुर्ग के साथ कथित र्दुव्‍यवहार के मामले में गिरफ्तार किये गए आप विधायक दिनेश मोहनिया की जमानत अर्जी आज एक स्थानीय अदालत ने खारिज कर दी है, और उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया. मेट्रोपालिटन मजिस्ट्रेट भावना कालिया ने कहा, ‘‘पिछले दो दिनों की परिस्थितियों में कोई बदलाव नहीं आया है कि ड्यूटी मजिस्ट्रेट के 25 जून के आदेश में हस्तक्षेप किया जाए, आरोपी की यह दूसरी जमानत अर्जी खारिज की जाती है |’’

ड्यूटी मजिस्ट्रेट ने गत शनिवार को मोहनिया को जमानत देने से इनकार कर दिया था और उन्हें दो दिनों के लिए तिहाड़ जेल भेज दिया था. विधायक के खिलाफ गत 23 जून को कथित तौर महिलाओं के उस समूह के साथ र्दुव्‍यवहार करने के लिए मामला दर्ज किया गया था जिसने रात में अपने क्षेत्र में जलसंकट की शिकायत को लेकर उनसे सम्पर्क किया था, दक्षिणी दिल्ली के नेब सराय पुलिस थाने में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी. मोहनिया को भारतीय दंड संहिता की धारा 323, 506, 509, 354, 354ए, 354 बी और 354 सी के तहत गिरफ्तार किया गया था

जमानत अर्जी का विरोध करते हुए पुलिस ने अदालत में कहा कि यदि कोई राहत दी गई तो मोहनिया जांच को प्रभावित कर सकते हैं जो अन्य आरोपी व्यक्तियों के खिलाफ अभी भी जारी है, चैंबर में सुनवायी के दौरान मोहनिया की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एच एस फुल्का पेश हुए, फुल्का ने कहा कि प्राथमिकी दर्ज करने में 11 घंटे की देरी हुई और कथित अपराध जमानती हैं |

उन्होंने साथ ही अदालत से कहा कि महिला का बयान शिकायत दर्ज होने के दो दिन बाद दर्ज किया गया और उस पर विचार करने का कोई आधार नहीं है, अधिवक्ता ने कहा कि आरोपी के खिलाफ लगाये गए आरोप झूठे हैं क्योंकि दो दिन के अंतराल ने पुलिस को राजनीतिज्ञ को फंसाने का पर्याप्त समय दिया, फुल्का ने साथ ही कहा कि भारतीय दंड संहिता की धारा 354 नहीं लगायी जा सकती क्योंकि मोहनिया का कथित पीड़ितों से छेड़छाड़ करने या कपड़े फाड़ने का कोई इरादा नहीं था |

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