बैंक नहीं ले रहे है सरकार द्वारा चलाये गए सिक्के, लेन-देन में हो रही है भारी दिक्कत


जालौन (ब्यूरो)- रिजर्व बैंक द्वारा जारी किया गया दस रुपये सहित एक व दो रुपये मूल्य के सिक्कों को बैंकों द्वारा न लिए जाने के चलते इन सिक्कों के चलन में व्यवधान आ रहा है। बैंकों द्वारा सिक्के न लिए जाने के चलते ग्राहकों से व्यापारी भी इन सिक्कों को लेने से कतरा रहे हैं। जिसके चलते उपभोक्ता परेशान हैं। परेशान उपभोक्ताओं ने रिजर्व बैंक के उच्चाधिकारियों से उक्त समस्या का हल निकाले जाने की मांग की है।

करीब एक दशक पूर्व रिजर्व बैंक आफ इंडिया ने दस रूपए के नोट के साथ दस रूपए का सिक्का चलन में उतारा था। दस रूपए के सिक्के को लेकर समय-समय पर विवाद उत्पन्न होता रहा है। पिछले वर्ष 2016 में स्टेट बैंक की स्थानीय शाखा ने दस रूपए का पंद्रह तीलियों वाला सिक्का नकली बताकर लेने से इंकार कर दिया था। तब काफी अफरा तफरी का माहौल बन गया था। जिसके बाद इसकी शिकायत उपभोक्ताओं ने सहायक महाप्रबंधक से की। इसके बाद मामला शांत हुआ था। असली और नकली सिक्के का मामला किसी तरह से शांत होने के बाद नोटबंदी का मामला सामने का गया।

बैंकों में नगदी की किल्लत होने पर बैंकों द्वारा जबरन उपभोक्ताओं को दस रुपये के सिक्के दिए गए। तब तो उपभोक्ताओं ने मजबूरी में 10 रुपये के सिक्के ले लिए। अब बाजार में भारी में मात्रा में 10 रुपये के सिक्कों के साथ एक व दो रुपये के सिक्के भी उपलब्ध हैं। लेकिन इस सिक्कों को बैंक लेने से मना करने लगे हैं। जिसके चलते व्यापारी असमंजस में पड़ गए हैं।

बैंकों द्वारा सिक्के न लिए जाने के चलते व्यापारी भी इन सिक्कों को लेकर परेशान हैं। जिसके चलते व्यापारी भी ग्राहकों से 10 रुपये सहित एक व दो रुपये के सिक्के लेने में आनाकानी करने लगे हैं। व्यापारी अजीत श्रीवास्तव, जहांगीर आलम, विनोद प्रजापति, बृजेश पोरवाल, अखिलेश लाक्षाकार, मोनू गुप्ता, नवीन गुप्ता कहते है कि वह लगातार ग्राहकों से 10 रुपये सहित एक व दो रुपये के सिक्के ले रहे हैं। जब इन सिक्कों को बैंकों में जमा कराने के लिए जाते हैं तो बैंक के कर्मचारी इन सिक्कों को लेने से इंकार कर देते हैं। तो वहीं, ग्राहक भी इन सिक्कों को लेने में आनाकानी करते हैं। ऐसे में व्यापारियों को इन सिक्कों को लेकर काफी परेशानी हो रही है।

व्यापारियों का आरोप है कि पिछले माह तक जिन सिक्कों को बैंक अपने ग्राहकों को दे रही थी, उन्हीं सिक्कों को बैंक उपभोक्ताओं से लेने को मना कर रही है। परेशान व्यापारियों ने रिजर्व बैंक के उच्चाधिकारियों से उक्त समस्या का हल निकाले जाने की मांग की है। जब व्यापारियों की इस समस्या को लेकर स्टेट बैंक के सहायक महाप्रबंधक से बात की गयी तो उन्होंने कहा कि सभी बैंको की शाखायें सिक्के स्वीकार कर रही है। उपभोक्ता अपने खाते में सिक्के जमा करा सकते हैं।

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