चीन के विरोध के बाद दलाई लामा से मिल रहे है ओबामा

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वाशिंगटन- अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा भारत के संरक्षण में रह रहे तिब्बती धर्म गुरु दलाई लामा से आज मुलाकात करेंगे | हालाँकि चीन ने अमेरिकी राष्ट्रपति की दलाई लामा से इस मुलाकात को लेकर गहरी आपत्ति दर्ज कराई है | यह भी माना जा रहा है कि चीन जिस तरह से दलाई लामा को चीन का एक अलगाववादी नेता मानता आया है ऐसे में चीन के विरोध के बावजूद अमेरिकी राष्ट्रपति का इस तरह से दलाई लामा से मिलना चीन को और अधिक नापसंद हो सकता है |

प्रेस को नहीं दी गयी अनुमति-
इस बार तिब्बती धर्म गुरु दलाई लामा और अमेरिकी राष्ट्रपति के बीच क्या बात चीत होंगी क्या वादें किये जायेंगे इसका पता किसी को भी नहीं चलेगा क्योंकि इस मुलाकात को कवर करने के लिए इस बार मीडिया को भीतर जाने की इज़ाज़त नहीं दी गयी है और ये दोनों ही नेता किसी गुप्त स्थान पर गुफ्तगू करेंगे |

अमेरिका तिब्बत को चीन का अभिन्न अंग मानता रहा है –
बता दें कि वैसे तो अमेरिका भी तिब्बत को चीन का ही अभिन्न अंग मानता रहा है लेकिन फिर चीन के लाखों विरोधों के बावजूद अक्सर अमेरिकी राष्ट्रपति तिब्बती धर्म गुरु जिन्हें चीनी सरकार अलगाववादी करार देती है उनसे हमेशा मिलते है |

बताया जाता है कि जब भी तिब्बती धर्म गुरु दलाई लामा वाशिंगटन में होते है अमेरिकी राष्ट्रपति उनसे अवश्य एक बार मुलाक़ात करते है | हालाँकि चीन के विरोध पर अमेरिका ने साफ़ तौर पर यह कह दिया है कि वे (तिब्बती धर्म गुरु दलाई लामा एक धार्मिक अध्यात्मिक गुरु) है इसीलिए हम उनसे हमेशा मुलाकात करते है |

एक अमेरिकी नेता ने कहा है कि न केवल तिब्बतियों बल्कि पूरी दुनिया के सबसे सम्मानित ब्यक्तियों में से एक है दलाई लामा | वे हमेशा हमें इस बात का एहसास दिलाते है कि मानवाधिकारों की रक्षा करने, समानता को प्रोत्साहित करने एवं पर्यावरण की रक्षा करने के लिए हम जो काम कर रहे है वे सही दिशा में चल रहे है और हमें आगे भी इसे करते रहना चाहिए |

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