बरेली की पुलिस ने रायबरेली पुलिसिंग को दिखाया आईना

0
110

रायबरेली (ब्यूरो)- अब इसे रायबरेली पुलिस की नाकामी ही कही जायेगी कि फरवरी माह में सिविल लाइन स्थित टायर की दुकान का ताला और शटर तोड़कर चोर 75 टायर और लगभग एक लाख पचपन हजार रूपए व अखबार के दफ्तर से लैपटाप ले उड़े थे। फिर भी पुलिस सिर्फ जाँच का ढिंढोरा ही पिटती रही। जिले की पुलिस ने अगर थोड़ी भी तेजी दिखाई होती और अगल बगल के जिलों को वायरलेस से जानकारी दी होती तो न केवल चोर पकड़े जाते बल्कि चोरी हुआ टायर भी पकड़ में आ जाता।

कोतवाली पुलिस सिर्फ चोरी के बाद सीसीटीवी ही खंगालती रही और चोर जिले से 385 किमी दूर बरेली जिले में चोरी का माल लेकर पहुँच गए। इतना ही नहीं बरेली जिले के देवरनिया थाने की पुलिस ने चोरी गए 75 टायरों में से 8 टायरों को चोरी के दूसरे दिन यानि कि 6 फरवरी को ही पकड़ लिया, लेकिन उनको यह जानकारी नहीं मिल पा रही थी कि यह माल चोरी कहां से हुआ। इसी के चलते वहां की पुलिस परेशान थी। इसके विपरीत स्थानीय पुलिस सिर्फ जाँच के नाम पर खानापूर्ति ही करती रही।

देवरनिया थाने की पुलिस ने टायरों पर लिखे नंबरो को लेकर अपोलो और कॉन्टिनेंटल कंपनियों से जानकारी हासिल की, कि उनके किस डीलर के यहाँ से टायर चोरी हुए है। कंपनियों से डीलर का नम्बर लेकर अभयदाता ट्रेडर के मालिक आलोक मिश्र को उक्त थाने के एसआई ऋषिपाल ने फोन कर टायरों के बारे में जानकारी दी। उन्होंने एफआईआर की कॉपी के साथ ही स्थानीय पुलिस को भी जानकारी देने को कहा साथ ही टायरों से जुड़े उचित कागजों को लेकर अपने थाने बुलाया।

रिपोर्ट- राजेश यादव

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here