लोक सुराज अभियान की रिपोर्ट के आधार पर भविष्य में

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छत्तीसगढ़(ब्यूरो)- मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने आज दोपहर जिला पंचायत महासमुंद के सभाकक्ष में आयोजित महासमुंद और गरियाबंद जिले की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को और बेहतर उपलब्धि हासिल करने के लिए तत्परता से कार्य करने कहा। उन्होंने कहा कि लोक सुराज अभियान विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन की हकीकत जानने का माध्यम है। शासन-प्रशासन के प्रतिनिधि अभियान के दौरान आम जनता से संपर्क कर शासकीय योजनाओं एवं कार्यक्रमों से मिल रहे फायदों की जानकारी तथा क्षेत्र की समस्याओं की सीधे जानकारी ले रहें है। मुख्यमंत्री ने कहा कि अधिकारियों को अपने काम-काज का आत्म निरीक्षण एवं स्व मूल्यांकन करना चाहिए, इससे उन्हें और अधिक कुशलता के साथ काम करने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि लोक सुराज अभियान की रिपोर्ट के आधार पर समीक्षा के नए बिंदु तय किए जाएंगे। राज्य सरकार 18 माह की कार्य योजना बनाकर चरणबद्ध ढंग से समीक्षा कर रही है। इनमें से तीन माह का समय पूरा हो गया, अब आगामी 15 माह के लिए कार्य योजना बनाकर विभागीय काम-काज और अधिक गति लाने की जरूरत है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी जनकल्याणकारी योजना के लिए धनराशि की कोई कमी नहीं है।

मुख्यमंत्री ने समीक्षा बैठक में सबसे पहले गरियाबंद जिले की उपलब्धियों की समीक्षा की। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिले के विभागीय अधिकारियों को पूरी तैयारी, आंकड़े और अध्ययन के साथ भविष्य में होने वाली समीक्षा बैठक में उपस्थित होकर प्रस्तुतिकरण देना होगा। लोक सुराज अभियान के बाद समीक्षा बैठकों का स्वरूप बदलेगा। समीक्षा के दौरान जिला प्रमुख अधिकारियों को प्रस्तुतिकरण के लिए एक निश्चित समय दिया जाएगा। इन समीक्षा बैठकों में अब अधिकारियों को पहले की तुलना में अधिक तैयारियों के साथ आने की जरूरत होगी। मुख्यमंत्री ने बैठक में मुख्य रूप से सौर सुजला योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, पेयजल व्यवस्था, विद्युतीकरण, मनरेगा, वृक्षारोपण, आंगनबाड़ी, आधार कार्ड, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा योजना, तेंदूपत्ता बोनस वितरण, आय-निवास- जाति प्रमाण वितरण, स्मार्ट कार्ड वितरण, स्किल डेवलपमेंट एवं स्वच्छ भारत मिशन सहित अन्य प्रमुख योजनाओं की बारी-बारी से समीक्षा की।

बैठक में गृहमंत्री श्री रामसेवक पैकरा, महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती रमशीला साहू, लोकसभा सांसद श्री चंदूलाल साहू, संसदीय सचिव श्रीमती रूपकुमारी चौधरी, संसदीय सचिव श्री गोवर्धन मांझी, मुख्य सचिव श्री विवेक ढांड, मुख्यमंत्री के सचिव श्री सुबोध सिंह, रायपुर संभाग के आयुक्त श्री बृजेश मिश्रा, सचिव जनसंपर्क श्री संतोष मिश्रा, पुलिस महा निरीक्षक रायपुर श्री प्रदीप गुप्ता, कलेक्टर महासमुंद श्री उमेश अग्रवाल, गरियाबंद कलेक्टर श्रीमती श्रुति सिंह, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक महासमुंद श्रीमती नेहा चंपावत, पुलिस अधीक्षक गरियाबंद श्री जितेन्द्र मीणा, जिला पंचायत के महासमुंद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री पुष्पेन्द्र मीणा, गरियाबंद के मुख्य कार्यपालन अधिकारी डॉ. सोनकर सहित जिला स्तरीय तथा वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने बैठक में संस्थागत प्रसव की समीक्षा के दौरान कहा कि ऐसे स्कूल जो युक्तियुक्तकरण के तहत बंद हो चुके है, उनके रिक्त भवनों का उपयोग स्वास्थ्य विभाग के लिए करना चाहिए। इन भवनों में इलाज की प्राथमिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकती हैं। संस्थागत प्रसव के लिए भी इन भवनों का उपयोग होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने हाई स्कूल और हायर सेकेण्डरी स्कूलों के सभी बच्चों को जाति के स्थाई प्रमाण पत्र के साथ निवास और आय प्रमाण पत्र का वितरण 30 जून तक हर हाल में सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रमाण पत्र ऐसा बने, जिससे बच्चों को भविष्य में भटकना न पड़े। मुख्यमंत्री ने बैठक में तेंदूपत्ता बोनस वितरण की स्थिति की विस्तार से समीक्षा की। पं. दीनदयाल उपाध्याय विद्युतीकरण तथा मुख्यमंत्री विद्युतीकरण योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि जिले के शत-प्रतिशत पारों, टोलों और मोहल्लों के विद्युतीकरण करने के निर्देश दिए, जिन स्थानों में परम्परागत विद्युत नहीं पहुंचाई जा सकती वहां सोलर ऊर्जा की रोशनी पहुंचाई जानी चाहिए। डॉ. सिंह ने गरीब परिवारों को निःशुल्क एलईडी बल्ब वितरण की भी विस्तार से जानकारी ली।

डॉ. सिंह ने सौर सुजला योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि यह योजना ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था करने में भी सफल साबित होगी। उन्होंने पेयजल की कमी वाले गांवों में दो-दो, तीन-तीन सोर्स तलाश करके सोलर पंप के माध्यम से लोगों को पीने और निस्तारी के लिए पानी उपलब्ध कराया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि ऐसे गांवों में राज्य शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत पानी की टंकियां भी बनाई जा सकती है। इससे बिजली बिल की समस्या भी दूर हो जाएगी। मुख्यमंत्री ने बैठक में अवैध शराब बिक्री पर अंकुश लगाने जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन द्वारा की गई कार्रवाईयों की रिपोर्ट ली। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में अवैध शराब बिक्री तथा कोचियों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने प्रशासन के अधिकारियों को शराब के कोचियों के विरूद्ध सख्त से सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं के लिए शराब बड़ा कारण बनती है। मुख्यमंत्री ने महासमंुद और गरियाबंद जिलों में अवैध शराब बिक्री और कोचिया बंदी के लिए की गई कार्रवाईयों की तारीफ की। दोनों जिलों के पुलिस अधीक्षकों ने बताया कि अवैध शराब बिक्री कठोरता से की गई कार्रवाई के फलस्वरूप सड़क दुर्घटनाओं में कमी आई है। मुख्यमंत्री ने कहा कि शराब की अवैध बिक्री को रोकने के लिए उठाए गए कड़े कदमों के कारण पूरे प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं की संख्या में पहले की तुलना में काफी कम हो गई है।

मुख्यमंत्री ने गरियाबंद जिले की समीक्षा के दौरान कहा कि अनेक विभागों को और अच्छा कार्य करने की जरूरत है। जिले की उपलब्धियों से भविष्य में बेहतर परिणाम आने की उम्मीद है। डॉ. सिंह ने महासमुंद जिले की समीक्षा में प्रधानमंत्री आवास योजना, सौर सुजला योजना, प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना, स्वच्छ भारत मिशन तथा वृक्षारोपण की उपलब्धियों की खास तौर पर प्रशंसा की। उन्होंने स्वच्छ भारत मिशन के तहत महासमुंद जिले के गांवों को खुले में शौचमुक्त करने, स्कूलों और आंगनबाड़ी केन्द्रों में शौचालय निर्माण तथा पेयजल व्यवस्था को भी सराहा। उन्होंने कहा कि खुले में शौचमुक्त गांवों और विकासखंडों की घोषणा करते समय काफी सावधानी बरतनी चाहिए। इसके लिए स्वच्छ भारत मिशन के तहत 15 अगस्त 2017 तक का समय है और जरूरत है कि इस समय-सीमा के पहले ही पूरे जिले को खुले में शौचमुक्त बनाया जाए। इस मामले में पूरा परीक्षण कराने के बाद ही खुले में शौचमुक्त घोषित करने की कार्रवाई की जाए। बैठक में गरियाबंद जिले के दो प्रमुख प्राकृतिक पर्यटन केन्द्रों जतमई और घटारानी के विकास की योजना पर भी चर्चा हुई। मुख्यमंत्री ने इन दोनों स्थानों में पर्यटकों के लिए बुनियादी सुविधा विकसित करने के लिए तेजी से कार्य करने के निर्देश दिए।

रिपोर्ट-सन्टी सलूजा/हरदीप छाबड़ा

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