बेल हैं मनुष्य के लिए वरदान, जानिए क्या – क्या हैं फायदे ?

0
2710

bel treeबेल या फिर कुछ लोगों की भाषा में बिल्व फल I यह हमारे शरीर में व्यापत बड़े से बड़े रोग को भी बहुत ही आसनी से मार गिराने में यानि की नष्ट कर देने में सक्षम हैं I बेल (बिल्व फल) के विधिवत सेवन करने से आपका शरीर स्वस्थ और सुडौल हो सकता हैं I और न केवल इसका फल ही लाभदयक हैं बल्कि इसकी जड़, टहनी, पत्ती, छाल सब की सब चीजें औषधियाँ हैं I

 

औषधि के तौर पर बेल (बिल्व फल) का प्रयोग –

उल्टी होने पर बेल का उपयोग –

अगर आपको उलटी की समस्या हो रही हैं तो ऐसे में आपको अगर बेल मिल जाता हैं तो यह आपके लिए रामबाण का कार्य कर सकता हैं I बेलफल के छिलके को आप 30 से 50 मिली. काढ़ा बना लीजिये और उसमें शहद मिलकर पीने से त्रिदोषजन्य उलटी में आराम मिलता हैं I

अगर कोई महिला गर्भवती हैं और ऐसे में उसको उल्टी की समस्या हो रही हैं तो ऐसे में कच्चे बेल के छिलके का 20 से 50 मिली. काढ़ा बना कर उसमें सत्तू का आटा मिलाकर दे दीजिये आराम मिल जाएगा I

अगर आपको बार-बार उल्टियाँ हो रही हैं और किसी भी प्रकार के इलाज़ से अभी तक कोई आराम नहीं मिला हैं तो ऐसे में आपको बेल के गूदे का 5 ग्राम चूर्ण चावल के धोवन (चावल धुलने के बाद बचे हुए पानी ) के साथ लेने से आराम मिलता हैं I

संग्रहणी में बेल का प्रयोग –

किसी भी ब्यक्ति को संग्रहणी की समस्या हो जाने पर उस ब्यक्ति की पाचन शक्ति अत्यंत कमजोर पड़ जाती हैं I वह ब्यक्ति कुछ भी खाता हैं लेकिन वह पचता नहीं हैं और ऐसे में ब्यक्ति को बार-बार टॉयलेट जाना पड़ता हैं I ऐसे में अगर उस ब्यक्ति को 2 बेल के फलों के गूदे को 400 मिली. पानी में उबालकर छान लें और उसके बाद जब वह ठंडा हो जाए तो उसमें 20 ग्राम शहद मिला दें उसके बाद आप इसका सेवन करिए आपको अत्यंत आराम मिलेगा I

मुंह के छालों में बेल फल का प्रयोग –

bel fuits

मुंह में छाले अक्सर पेट में कमी के कारण से होते हैं I मुंह में छाले हो जाने के बाद ब्यक्ति को कुछ भी खाने में अच्छा नहीं लगता हैं और ऐसे में अगर आप एक बेल के गूदे को मात्र 100 ग्राम पानी में उबाल लें और उसके बाद इसे ठंडा कर लीजिये I ठंडा करने के बाद आप इसी जल से कुल्ले करिए आपको और कोई अन्य दवा लेने की आवश्यकता ही नहीं पड़ेगी I

मधुमेह के रोगियों के लिए भी बड़े काम की चीज हैं बेल –

मधुमेह से ग्रषित लोगों को बेल और बकुल की छाल का 2 ग्राम चूर्ण दूध के साथ लेने से आराम मिलता हैं और अगर आप ऐसा नहीं कर पा रहे हैं या फिर यह व्यवस्था नहीं हो पा रही हैं तो ऐसे में आप 15 बिल्वपत्र और उसके साथ 5 काली मिर्च ले लीजिये और उसकी चटनी बना लीजिये I और इसे एक कप पानी में मिलकर पी लेने से मधुमेह जैसा भयंकर रोग भी समाप्त हो जाता हैं I हालाँकि यह एक लम्बी प्रक्रिया हैं आपको करते रहना हैं I आराम मिलेगा I

हिंदी समाचार- से जुड़े अन्य अपडेट लगातार प्राप्त करने के लिए लाइक करें हमारा फेसबुक पेज और आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं |

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here