बेटा नहीं होने के कारण बेचा बेटी को, माँ-बाप पर दर्ज हुई FIR

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प्रतीकात्मक फोटो

निरसा/धनबाद (ब्यूरो)- एक ओर जहां पूरे देश में सरकार ने बेटी बचाने और पढ़ाने के लिए अनेकों योजनाएं बनाई है और बेटियों के लिए बेटी पढ़ाओ बेटी बचाओ अभियान पूरे देश में चला रखा है। सरकार द्वारा बेटियों के लिए चलाई जा रही अनेकों योजनाओं के बावजूद लोगों की मानसिकता नहीं बदली है|

आज भी बेटियों से ज्यादा बेटों को मान सम्मान दिया जा रहा है। एक ऐसा ही मामला निरसा थाना क्षेत्र का सामने आया है जहां दुधमुंही बच्ची को उसके माता-पिता ने बेटे की चाहत में बेच दिया है। वही दूधमुंही बच्ची को बेचने के मामलें में माता -पिता के खिलाफ एफआइआर दर्ज की गई है।

निरसा न्यू भमाल के रहने वाले उपेंद्र गोस्वामी और उसकी पत्नी शिल्पी देवी ने अपने चार दिन कि बच्ची को सिर्फ इसलिए बेच दिया क्योंकि उन्हें बेटी नहीं बेटा चाहिए था। मामला सामने आने के बाद निरसा पुलिस ने माता -पिता सहित बच्ची को खरीदने वाले गाजियाबाद यूपी के दंपत्ति किरण देवी और ब्रम्हा गिरी के खिलाफ भी मामला दर्ज किया है।

बड़े भाई ने ही की छोटे भाई के खिलाफ शिकायत उपेंद्र गोस्वामी के खिलाफ उसके बड़े भाई उमेश गोस्वामी ने ही थाने में मामले की शिकायत की है। उमेश ने बताया कि शिल्पी और उपेंद्र को पहले से दो साल की बेटी है। दोनों बेटा होने की आस लगाए बैठे थे। 20 अप्रैल 2017 को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र निरसा में शिल्पी ने एक बच्ची को जन्म दिया। बच्ची के जन्म के बाद दोनों मायूस हो गए। मौका पाकर दोनों ने बच्ची को गाजियाबाद के दंपत्ति को बेच दिया।

पुलिस ने नहीं सुनी तो चाइल्ड लाइन को दी सूचना-
उमेश गोस्वामी ने बताया कि उन्होंने पहले इसकी शिकायत थाने में की थी, लेकिन पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। किसके खिलाफ शिकायत की गई है पुलिस ने ये भी जानना मुनासिब नहीं समझा। बाद में उसने चाइल्ड लाइन के टॉल फ्री नंबर 1098 पर मामले की शिकायत की। उन्होंने कहा कि बच्ची को बेचने की बात से पुरा परिवार नाखुश है। अगर बच्ची को नहीं रखना था कि परिवार में ही किसी को दे देते। मासूम बच्ची को बेचने से परिवार मर्माहत है।

उन्होंने आगे बताया कि उसके एक और भाई राजेश गोस्वामी जो कि फरीदाबाद हरियाणा में रहता है। उसी के जरिए किरण देवी और ब्रहा गिरी से पहचान हुई। बच्ची होने के चार दिन के बाद दोनों यूपी से निरसा उनके घर आए और बच्ची का सौदा कर लिया।

तीन माह में दर्ज हुआ मामला-
बच्ची की बरामदगी नहीं पुलिस ने पहले तो शिकायत पर ही ध्यान नहीं दिया। लेकिन बाद में चाइल्ड लाइन और सीडब्ल्यूसी के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने संज्ञान लिया। तीन माह के बाद पुलिस ने उमेश के बयान पर मामला दर्ज किया है। पुलिस ने अभी तक बच्ची की बरामदगी नहीं कर सकी है।

रिपोर्ट- गणेश रावत

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