बेवफाई

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मयखाने का मालिक कल बोल रहा था धन्धा बहुत मन्दा हो गया….
क्या बेवफाई कम हो गयी है शहर मे…..?


हाथ की लकीरें पढने वाले ने तो मेरे होश ही उड़ा दिये।
मेरा हाथ देख कर बोला तुझे मौत नहीं किसी की चाहत मारेगी।


मैंने गले में सारे ताबीज डाल के देखे हैं पर जो तेरी यादों को रोक सके वो धागा मिला ही नही”

इश्क में इसलिए भी धोखा खानें लगें हैं लोग
दिल की जगह जिस्म को चाहनें लगे हैं लोग..”
मुझे भी ज़िन्दगी में तुम ज़रूरी मत समझ लेना,
मेरे दोस्त
सुना है तुम ज़रूरी काम अक्सर भूल जाते हो I


वो मिले भी तो खुदा के
दरबार में ,

अब तुम ही बताओ यारो इबादत करते या मोहब्बत I
दूरियाँ जब बढ़ी तो गलतफहमियां भी बढ़ गयी
फिर तुमने वो भी सुना जो मैंने कहा ही नही।
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तेरे पास जो है उसमें सबर कर और उसकी कद्र कर दीवाने…

यहाँ तो आसमां के पास भी खुद की जमीं नहीं !!

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