महुए की बिक्री पर लगा बैन, पांच किलो से ज्यादा रखा तो होगी सजा

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रायपुर(छत्तीसगढ़ ब्यूरो)- देश में कोचियों की दुकान पर ताला लगाने के बाद राज्य सरकार ने कच्ची शराब की बिक्री को रोकने अब महुआ के संग्रहण पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। आबकारी अधिनियम में 21 साल बाद फिर अस्तित्व में लाए गए छत्तीसगढ़ महुआ नियम के तहत अब पांच किलो से अधिक महुआ की खरीदी-ब्रिकी और परिवहन के लिए कलेक्टर की अनुमति अनिवार्य कर दी गई है। अधिनियम का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ आबकारी एक्ट के तहत गिरफ्तारी की कार्रवाई की जाएगी।

शराब माफिया से शराब दुकानों की गद्दी छीने जाने के बाद प्रदेश सरकार ने गांव-गांव में खुली कोचियों की दुकान बंद करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। कोचियागिरी की शिकायत मिलने पर कलेक्टर और एसपी के खिलाफ सीधी कार्रवाई के आदेश जारी किए जाने से पूरे प्रदेश में कोचियों के खिलाफ अभियान चलाया गया है। कोचियों की दुकान बंद होने के बाद गांवों में कच्ची शराब बनाने और बेचने की शिकायतें सामने आने के पहले ही राज्य के आबकारी महकमें ने छत्तीसगढ़ महुआ नियम लागू कर दिया है। 21 साल पहले 1996 में इस नियम को आबकारी अधिनियम से हटाया गया था, लेकिन शराबबंदी की दिशा में पहल करने राज्य सरकार ने इसे फिर से लागू कर दिया है।

इस अधिनियम के तहत राज्य में अब पांच किलो से ज्यादा महुआ न तो संग्रहित किया जा सकेगा और न ही इसकी बिक्री और परिवहन की अनुमति होगी। सरकार ने अनुसूचित जनजाति परिवार के सदस्यों को इस दायरे में नहीं रखा है, लेकिन लाइसेंसधारियों को ही खरीदी और बिक्री का अधिकार दिया गया है। महुआ की खरीदी करने वाले व्यापारियों को अब कलेक्टर या अधिकृत अधिकारी के समक्ष आवेदन प्रस्तुत करना होगा। आवेदन पत्र में दी गई मात्रा के आधार पर फीस का निर्धारण किया जाएगा और फिर कलेक्टर द्वारा विधिवत तौर पर लाइसेंस जारी किए जाएंगे। लाइसेंस की अवधि एक साल निर्धारित की गई है। राज्य में बिना लाईसेंसधारियों द्वारा महुआ का संग्रहण, खरीदी और बिक्री करने वाले लोगों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत कार्रवाई किए जाने के भी आदेश जारी किए गए हैं।

वनवासियों को चार माह की छूट-
गांव में महुआ को एकत्र करने वाले वनवासियों को चार माह की छूट दी गई है। पेड़ों से महुआ गिरने की अवधि 15 फरवरी से 15 जून तक इसके संग्रहण, क्रय, विक्रय तथा परिवहन के लिए वनवासियों को लाईसेंस नहीं लेना होगा। इस दौरान घरों में एकत्र किए गए महुए को जब्त नहीं किया जाएगा।

500 क्विटंल के लिए दस हजार-
पांच सौ क्विटंल महुआ के संग्रहण और बिक्री के लिए लाइसेंस लेने के लिए दस हजार रुपए फीस निर्धारित की गई है। सदभावपूर्वक औद्योगिक प्रयोजनों तथा कारखानों के लिए महुआ की जरूरत होने पर एक हजार, वैज्ञानिक, कृषि, शैक्षणिक या औषधी प्रयोजनों के लिए महुआ की आवश्यकता होने पर पांच सौ रुपए फीस निर्धारित की गई है। घरेलू उपयोग। जिसमें भोजन और पशु चारे के रूप में महुआ का उपयाेग करने वाले लाईसेसधारियों को एक हजार रुपए की फीस अदा करनी होगी।

हर बार लेनी होगी अनुमति-
महुआ की खरीदी, बिक्री और परिवहन के लिए लाईंसेसधारी को आवेदन जमा कर अनुमति लेना होगा। महुआ को खरीदे जाने के लिए सौ रुपए, परिवहन के लिए पचास रुपए, आयात हेतु 200 रुपए, निर्यात के लिए सौ रुपए फीस निर्धारित की गई है। लाईसेंसधारी सुबह 11 बजे से शाम पांच बजे तक ही महुआ की बिक्री कर पाएंगे। राज्य शासन द्वारा छत्तीसगढ़ महुआ नियम लागू कर दिया गया है। महुआ की खरीदी, बिक्री, संग्रहण और परिवहन के लिए लाइसेंस अनिवार्य किया गया है।

रिपोर्ट- हरदीप छाबड़ा

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