भदोही : डीएम बोले व्हाट्सएप ग्रुप बना कर करें राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा  का डोर टू डोर सर्वे

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भदोही (ब्यूरो)- जिलाधिकारी विशाख जी की अध्यक्षता में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा  अधिनियम 2013 के अन्तर्गत ग्रामीण व शहरी क्षेत्रों में पात्र गृहस्थियों के चयन के सम्बन्ध में बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में नोडल अधिकारीयों की उपस्थिति में आहूत की गयी। इस अवसर पर जिलाधिकारी ने बैठक में पर्वेक्षको से पात्र एवं अपात्र की भरपूर जानकारी दी और कहॉ की शासन के प्राथमिकता वाले महत्वपूर्ण कार्यक्रम है ।

कर्मचारी पूरे मनोयोग से लगकर डोर टू डोर सर्वे करे साथ ही अपात्र को किसी दशा में सूची में शामिल न किया जाय और पात्रो का चयन प्रत्येक दशा में किया जाय। जिलाधिकारी ने कहॉ की इस कार्य हेतु  जनपद में कुल 80 नोडल अधिकारी 335 पर्वेक्षक 735 कार्मिको के साथ-साथ जोनल/सेक्टर मजिस्ट्रेट की तैनाती की गयी है टीमो द्वारा घर-घर जाकर सूची का एक्सक्लूजन एवं इनक्लूजन क्राईट एरिया के मुताबिक सत्यापन करते हुए अपात्रों का नाम हटाने व पात्रों का नाम चयन करने की कार्यवाही 03 जून, 2017 तक की जानी है। चिन्हित पात्र लाभार्थियों व अपात्र लाभार्थियों की सूची 14 जून, 2017 तक मुकम्मल की जायेगी और 23 जून, 2017 तक जिले के सभी ग्राम सभाओं की खुली बैठक करके ग्राम सभाओं में आने वाले सभी दुकानों से सम्बन्धित सत्यापित पात्रों सभी दुकानों से सम्बन्धित पात्रों व अपात्रों की भी सूची प्रदर्शित करने के साथ ही बैठक में पढ़कर सुनाया जायेगा, जिसे ग्राम सभा की खुली बैठक में अनमोदित करने के साथ ही ग्राम पंचायत/कोटेवार दुकान स्तरीय सतर्कता समिति द्वारा भी अनुमोदन प्राप्त किया जायेगा।

30 जून, 2017 तक  जिले स्तर पर जिले के सभी उचित दर दुकान के मुताबिक अन्त्योदय एवं पात्र गृहस्थियों की सूची संकलित कर लाभार्थियों का डेटा आन लाईन अद्यतन/त्रुटि रहित फीड किया जायेगा। समस्त एस0डी0एम0/खण्ड विकास अधिकारी को निर्देश दिया की पूरी तनमयता के साथ साप्ताहीक बैठक कर ग्राम वाईज प्रगति समिक्षा कराये। यह भी कहे की 2011 के जनगणना के अनुसार ग्रमीण क्षेत्रों मे 79.56 प्रतिशत तथा शहरी क्षेत्रों मे 64.43 प्रतिशत परिवारो का चिन्हीत करण किया जायेगा। ग्रामीण/शहरी  क्षेत्रो में इनक्लूजन क्राइटेरिया गृहस्थियॉ जिन्हे अन्य परिवारों के सापेक्ष प्राथमिकता प्रदान की जायेगी, भिक्षावृत्ति, घरेलू काम काज, जूते चप्पल की मरम्मत करने वाल, कुष्ठ रोग से प्रभावित, एड्स से पड़ीत, अनाथ माता-पिता बिहिन बच्चे, स्वच्छकार, दैनिक वेतन भोगी, मजदूर, कूली, पल्लेदार, भूमिहीन मजदूर, परित्यक्त महिलाये, ऐसे परिवार जिनका मुखिया निराश्रित महिला, विकलांग, मानसिक रूप से विक्षिप्त व्यक्ति है।

आवासहीन परिवार, आदि के अतिरिक्त अन्य सभी आय के आरोहीक्रम में चयनित किया जायेगा। इसी प्रकार चयन सूची से निष्कासन के आधार एक्सक्लूजन क्राइटेरिया शहरी क्षेत्र समस्त आयकर दाता, ऐसे परिवार जिसके किसी भी सदस्य के पास चार पहिया वाहन अथवा वातानुकूलन यंत्र (एयर कंडिशनर) अथवा 5 केवीए या उससे अधिक क्षमता का जेनरेटर हो, ऐसे परिवार जिसके किसी सदस्य के स्वामित्व में अकेले या अन्य सदस्य के साथ 100 वर्ग मीटर से अधिक का स्वअर्जित आवासीय प्लाट या उस पर स्वनिर्मित मकान अथवा 100 वर्ग मीटर से अधिक कार्पेट एरिया का आवासीय फ्लेट हो। ऐसा परिवार  जिसके किसी सदस्य के स्वामित्व में अकेले या अन्य सदस्य के साथ 80 वर्ग मी0 या उससे अधिक कार्पेट एरिया का व्यावसायिक स्थान हो, ऐसे परिवार जिनकी समस्त सदस्यों की आय रू0-3.00 लाख प्रति वर्ष से अधिक हो, ऐसे परिवार जिनके सदस्यों के पास एक से अधिक शस्त्र का लाईसेन्स/शस्त्र हों, तथा ग्रामीण क्षेत्र में एक्सक्लूजन क्राइटेरिया समस्त आयकर दाता, ऐसे परिवार जिसके किसी भी सदस्य के स्वामित्व में चार पहिया वाहन अथवा ट्रैक्टर अथवा हार्वेस्टर अथवा वातानुकूलन यन्त्र (एयर कंडिशनर) अथवा 5 केवीए या उससे अधिक क्षमता का जेनरेटर हो, ऐसे परिवार जिसके किसी सदस्य के पास अकेले या अन्य सदस्य के स्वामित्व में पॉच एकड़ से अधिक सिंचित भूमि हो, किन्तु बुन्देलखण्ड एवं सोनभद्र जनपद में कैमूर पर्वमाला के दक्षिणी क्षेत्रों में ह सीमा साढ़े सात एकड़ होगी, ऐसे परिवार जिनके समस्त सदस्यों की आय रू0 2.00 लाख प्रति वर्ष से अधिक हो, ऐसे परिवार जिनके सदस्यों के पास एक से अधिक शस्त्र का लाईसेन्स हों। अपात्र का निष्काशन का आधार माना जायेगा।

जिलाधिकारी प्रत्येक दशा में सर्वे कार्य को समय से पूर्ण करना है। सर्वे  कार्मिक वाट्सप ग्रुप भी बनाने का निर्देश दिया। डोर टू डोर जाकर वस्तुस्थिति के आधार पर      करे, सभी सर्वे घरो पर चाक से एस2017 से चिन्हिकरण करे ताकि कोई घर छुटने न पाये। यह भी हिदायद दी की कही से शिकायत नहीं मिलना चाहिए। सत्यापन     टीम द्वारा लाभार्थियों की सूची सार्वजनिक स्थान पर चस्पा कराये। उनपर जनसामा    न्य की आपत्तियॉ प्राप्त की जाये। सत्यापन के पश्चात फर्म मे स्पष्ट रूप से पात्र अथवा अपात्र अंकित किया जाय। सत्यापन के दौरान यदी कोई व्यक्ति अधिनियम के अनुसार पात्र है तो उसका नया फार्म भरवाया जाये।

रिपोर्ट- रामकृष्ण पाण्ड़ेय

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