संगीतमयी साप्ताहिक श्रीमद भागवत प्रवचन का तीसरा दिन

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मऊरानीपुर(झाँसी )-अहंकार जीवन का सबसे बडा दुर्गुण है। इसके बढ़ जाने से जीवन में यश , वैभव और वंश का ह्रास हो जाता है। इससे दूर रहने मे ही सभी की भलाई है। यह विचार ग्राम खिलारा मे चल रही संगीतमयी साप्ताहिक श्रीमद भागवत प्रवचन के तीसरे दिन कथावाचक पं. हरिशंकर अडजरिया (गलान) ने व्यक्त करते हुए कहा कि द्वापर युग मे मथुरा के क्रूर राजा कंस का जब पृथ्वी पर असहनीय अत्याचार बढने से साधु संत , नर-नारी , पशु , पक्षी सभी का जीना दुष्वार होने लगा सभी देवी-देवताओ ने ईश्वर से अवतार लेकर दुष्टो का संघार , संस्कृति की रक्षा , धर्म स्थापना की प्रार्थना की। कथा मे राकेश कुमार द्विवेदी , भगवान द्विवेदी , सुरेन्द्र द्विवेदी , कृष्ण कुमार , संतु , शिवदयाल , ओमप्रकाश , रामकुमार , अंकित , आयुष्मान आदि मौजूद रहै।
रिपोर्ट – रवि परिहार

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