भीटा की आराजी पर कब्जा करने का मामला पहुंचा उच्च न्यायालय

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मुंगराबादशाहपुर-जौनपुर : तहसील मछलीशहर अन्तर्गत परगना मुंगरा की ग्राम सभा सरोखनपुर स्थित आराजी संख्या 267 /0.036 पर किये गये अबैध कब्जे को खाली नही किये जाने का मामला एक बार फिर उच्च न्यायालय पहुंच गया है |जिसकी सुनवाई करते हुए मा०उच्च न्यायालय ने प्रकरण के निस्तारण की निर्धारित तिथी 20 मार्च 2017 को करने के साथ ही अधिकतम एक माह की समय सीमा के अन्दर निस्तारण करने का आदेश निर्गत किया है | इस बाबत मिली जानकारी के अनुसार ग्राम धौरहरा निवासी बिमल कुमार पाण्डेय ने उक्त आराजी पर किये गये अबैध कब्जे के बाबत तहसीलदार मछलीशहर से लेकर  जिलाधिकारी व उच्च अधिकारियो तक आवेदन पत्र दिया था  | जिसकी सुनवाई नही होने पर उसने ग्राम सभा की उक्त आराजी पर किये गये कब्जे को खाली कराये जाने हेतु उच्च न्यायालय मे वाद संख्या 4030 /2016 जनहित याचिका (PIL)बिमल कुमार बनाम  उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा जिलाधिकारी जौनपुर ,उप जिलाधिकारी मछलीशहर ,तहसीलदार मछलीशहर व कब्जेदार दीपक शुक्ला को पक्षकार बनाते हुए वाद  दाखिल किया था  |जिसकी सुनवाई करते हुए मा०उच्च न्यायालय ने धारा 122 बी U .P .Z.A.&L.R. ऐक्ट के तहत प्रकरण का निस्तारण करने का आदेश बीते 05 सितम्बर 2016 को  निर्गत किया था |

लेकिन कब्जेदार के रसूखदार होने के कारण  प्रशासन ग्राम सभा खाते की आराजी को खाली करवा कर प्रकरण का निस्तारण करने की बजाय  मामले को अधर मे लटकाये रखा |जिससे असन्तुष्ट हो कर  बिमल कुमार ने वाद संख्या 8183 / 2017 जनहित याचिका दाखिल कर एक बार फिर उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटा दिया | जिसमे राजकीय अधिवक्ता ने न्यायालय को बताया की निस्तारण करने की प्रकृया चल रही है तथा प्रकरण की सुनवाई की तिथी 20 मार्च 2017 निर्धारित की गयी है |जिसे संज्ञान मे लेते हुए मा०उच्च न्यायालय ने अपने 01 मार्च 2017 को जारी आदेश मे निर्धारित तिथी 20 मार्च 2017 से अधिकतम एक माह की समय सीमा बांधते हुए प्रकरण के निस्तारण का आदेश निर्गत किया है |न्यायालय का आदेश आते ही तहसील प्रशासन से लेकर कब्जेदार तक के हाथ पांव फूलने लगे है | वादी बिमल कुमार की ओर से अधिवक्ता ईश्वर चन्द त्यागी ने पैरवी की |

रिपोर्ट : डा०अमित कुमार पाण्डेय

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