कहीं यह चीन की शाजिश तो नहीं, भारत के सबसे लम्बे पुल को है ख़तरा, ख़ुफ़िया एजेंसियों ने जारी किया अलर्ट

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नई दिल्ली/असम- देश के सबसे लम्बे पुल भूपेन हजारिका को लेकर ख़ुफ़िया एजेंसियों ने अलर्ट जारी कर अगाह किया है कि इस पुल को ख़तरा हो सकता है | ख़ुफ़िया एजेंसियों की तरफ से रिपोर्ट्स आने के बाद असम पुलिस ने इस ब्रिज की सुरक्षा को और अधिक सख्त कर दिया है | गौरतलब है कि देश में बने इस सबसे लम्बे पुल का उद्घाटन प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने 26 मई को किया था |

असम पुलिस के अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (एडीजी, स्पेशल ब्रांच) पल्लब भट्टाचार्य ने शुक्रवार को बताया है कि हाल ही में हमें कुछ ख़ुफ़िया इनपुट्स मिले है जिससे हमें इस बात का अंदेशा है कि देश के सबसे बड़े ब्रिज भूपेन हजारिया को ख़तरा हो सकता है | इसके चलते ही हमनें इस ब्रिज की सुरक्षा को और अधिक मजबूत बना दिया है |

क्यों हो सकती है चीन की शाजिश-
आपको बता दें कि 26 मई को जब प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने इस ब्रिज का उद्घाटन किया था उसके बाद ही चीन ने भारत को चेताते हुए कहा था कि भारत को अरुणांचल प्रदेश में इंफ्ररास्ट्राकचर डेवलप करने में संयम बरतना चाहिए | आपको यह भी बताते चलते है कि चीन अरुणांचल प्रदेश को पहले से ही अपना हिस्सा मानता रहा है हालाँकि भारत ने यह स्पष्ट कर दिया है कि चीन का यह सपना कभी साकार नहीं होगा |

मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो देश के इस सबसे बड़े ब्रिज और खासकर सामरिक द्रष्टिकोण से सबसे महत्त्वपूर्ण ब्रिज की सुरक्षा की जिम्मेदारी केंद्रीय रिजर्व औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के हवाले किये जाने की बात चीत केंद्र सरकार के साथ चल रही है | हालाँकि अभी तक सरकार की तरफ से इस मामले पर कोई भी निर्णय लिया गया है ऐसी खबर नहीं आ रही है |

सामरिक हालातों में बेहद ही महत्त्वपूर्ण है यह ब्रिज-
देश में बना सबसे लम्बा (9.15 किमी.) भूपेन हजारिका ब्रिज सामरिक द्रष्टिकोण से भारत के लिए बेहद ही महत्त्वपूर्ण ब्रिज है | इस पुल के ऊपर से भारतीय सेना बहुत ही जल्द और बेहद ही आसानी से लाइन ऑफ़ एक्चुअल कण्ट्रोल यानी चीन से सटी सीमा पर पहुँच सकती है और इतना ही नहीं भारतीय सेना के बड़े-बड़े टैंक, ट्रक, तोपें इत्यादि भी इस ब्रिज के ऊपर से आसानी से गुजर सकती है और ब्रिज को कोई भी नुकसान नहीं पहुंचेगा |

भूकंप रोधी तकनीक का इस्तेमाल किया गया है –
चूँकि इस ब्रिज को जिस क्षेत्र में बनाया गया है वहां सर्वाधिक मात्रा में भूकंप का ख़तरा बना रहता है जिसके मद्देनजर भारतीय इंजीनियरों ने ब्रिज को बनाते समय इस बात ख़ास ख्याल रखा है जिससे भूकंप आने पर किसी भी परिस्तिथित में ब्रिज को किसी भी प्रकार का नुकसां न हो | चूँकि इस ब्रिज के बनने के बाद भारतीय सेना बेहद आसानी से चीनी बॉर्डर तक पहुँच सकती है ऐसे में चीन की बौखलाहट इस ब्रिज को लेकर लाज़मी है |

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