घटिया दवाएं बांटने पर बडी आयुर्वेदिक चिकित्सालय की मुसीबतें

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जालौन(ब्यूरो)- अपने सबसे बुरे दिनों से गुजर रहे जिले के आयुर्वेदिक विभाग की मुश्किलें और भी बढती हुई नजर आ रही हैं। कारण यह है कि आयुर्वेदिक अस्पतालों में मरीजों को घटिया दवाएं बांटी जा रही हैं।

इससे मरीजों को लाभ मिलने के बजाए दवाएं नुकसान कर रही हैं। ऐसा ही एक मामला और प्रकाश में आया है। जिसमें शहर के एक वरिष्ठ नागरिक ने आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सालय के मुख्य चिकित्साधिकारी को पत्र भेजकर घटिया  दवाएं बांटे जाने का कारण पूछा है।

इतना ही नहीं, यह  भी चेतावनी दी है कि अगर एक सप्ताह में जवाब नहीं मिला तो वह घटिया दवाएं बांटे जाने का मामला कोर्ट में ले जाएंगे। इस पत्र के बाद आयुर्वेदिक व यूनानी चिकित्साधिकारियों में हडकंप मचा हुआ है।

गौरतलब है कि जिले के आयुर्वेदिक व यूनानी अस्पताल इन दिनों सबसे खराब हालत से गुजर रहे हैं। आधे से भी कम चिकित्सक व स्टाफ, दवाओं की भारी कमी, मरीजों को सुविधाओं का टोटा। यही समस्याएं आयुर्वेदिक चिकित्सालयों की पहचान  बनकर रह गई हैं।

अब एक और नया मामला सामने आया है। जिसमें मरीजों को घटिया दवाएं बांटे जाने की बात प्रकाश मंे आई है। शहर के झांसी  रोड पुराना रामनगर निवासी वरिष्ठ नागरिक ओमकांत पांडेय ने राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय के चिकित्सा अधिकारी को पत्र  भेजा है। इसमें उन्होंने बताया कि वह पेचिस से ग्रस्त थे।

इलाज के लिए वह स्टेशन रोड स्थित आयुर्वेदिक चिकित्सालय पहुंचे। यहां पर उन्हें दो दवाएं कुटधन वटी व सीरप दिए गए। जब उन्होंने इन दवाओं का सेवन किया तो इसके प्रतिकूल परिणाम मिले।

इसके बाद उन्होंने दवाओं पर गौर किया तो वह प्रथम दृष्टया ही विश्वसनीय नहीं थीं। दवाओं में कहीं पर भी औषधि निर्माण में प्रयुक्त सामग्री का विवरण अंकित नहीं था। जो कि अनिवार्य है। पीडित ओमकांत पांडेय ने चिकित्सा अधिकारी से जवाब मांगा है कि उनके चिकित्सालय में घटिया व हानिकारक दवाएं क्यों दी गईं।

इसका जवाब एक सप्ताह में लिखित रूप से उपलब्ध कराएं।  अन्यथा की स्थिति में इन दवाओं से उन्हें जो नुकसान हुआ है उसके लिए वह साक्ष्यों के साथ कोर्ट जाने के लिए स्वतंत्र हैं। वरिष्ठ नागरिक की इस चेतावनी के बाद आयुर्वेदिक चिकित्सालय के अधिकारियों व  कर्मचारियों में हडकंप मचा हुआ है।
दवाओं की खरीद में आ रही कमीशनबाजी

आयुर्वेदिक अस्पतालों में मरीजों को दी जा रही दवाओं के घटिया होने की शिकायतें लगातार आ रही हैं। इससे पहले भी मरीजों द्वारा इस तरह की शिकायतें कई बार की जा चुकी हैं। पर इस बार जिस तरह से पीडित मरीज ने अधिकारियों पर दावा करते हुए कोर्ट जाने की चेतावनी दी है उससे यह मामला तूल पकड गया है।

सूत्रों की मानें तो मरीजों को बांटने के लिए जो दवाएं खरीदी जाती हैं उसमें भारी कमीशनबाजी हुई है। इसके चलते घटिया दवाएं अस्पताल में  पहुंच रही हैं और मरीजों को घटिया दवाएं  बांटी जा रही हैं।

अब देखना यह है कि  इस कमीशनबाजी के  खेल का भांडाफोड होता है या फिर यह मामला भी दब जाएगा?

रिपोर्ट-अनुराग श्रीवास्तव

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