डीएम साहब जल निगम अधिकारियों की मिलीभगत से सौर ऊर्जा चलित पानी की टंकियां बनाने में हुआ बहुत बड़ा खेल

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रायबरेली (ब्यूरो) विकासखंड राही के ग्राम पंचायत सराय मुगला में बनी सौर ऊर्जा चलित पानी की टंकियां ध्वस्त होती जा रही हैं, ग्राम प्रधान का कहना है यह सौर ऊर्जा चलित टंकियां जल निगम के द्वारा किसी ठेकेदार के अंतर्गत 2012 में लगाई गई थी पूरे ग्रामसभा में सौर ऊर्जा चलित 5 पानी की टंकियां लगाई गई थी जिसमें से सराय मुगला की एक टंकी जैसे -चल रही है और दूसरी खराब पड़ी है सराय मुगला के ही सिकंदरपुर गांव में तीन टंकी स्थापित की गई हैं, जिसमें से 2 राम भरोसे चल रही हैं और एक खराब पड़ी है यह दोनों खराब पड़ी टैंकियां सालों से जैसे लगाई गई है वैसे ही खड़ी है ग्रामीणों व प्रधान से पूछने पर पता चला कि यह सौर ऊर्जा चलित पानी की टंकियां कभी जलती है कभी नहीं चलती हैं |

प्रधान का कहना है यही नहीं यह जो सौर ऊर्जा चलित पानी की टंकियां लगाई गई है मानक के आधार पर भी नहीं है जैसे-तैसै लगा कर निकल गये किसी में पांच टैब लगे हैं तो किसी में 10 टैब लगे हुए हैं और पाइप लाइन ऊपर से ही दिखाई पड़ रही है जिसका मानक एक से डेढ़ मीटर गहराई तक है और एक सौर ऊर्जा चलित पानी की टंकी से कम-से-कम लगभग 150 टैब लगाए जा सकते हैं पर यहां तो कुछ और ही देखने को मिला | प्रधान का कहना है इसकी शिकायत कई बार जल निगम के बड़े अधिकारियों से की गई पर किसी ने ध्यान नहीं दिया | जैसी की तैसी ये टंकिया नदारद पड़ी हुई हैं, RO फिल्टर की जगह पर केवल फिल्टर में आरसीसी गिट्टी का प्रयोग किया गया है और ना ही उसमें कोई दवा मिलाई गई है जिससे RO फिल्टर पानी मिल सके | ग्रामीणों और प्रधान का कहना है कि जल निगम के अधिकारियों व ठेकेदार की मिलीभगत से यह टंकियां जैसे -तैसे लगा दी गई पर 1 साल भी नहीं बीता कि यह सौर ऊर्जा चलित पानी की टंकियां पूरी तरह से ध्वस्त हो गई | पूरा लेखा-जोखा कागजों पर सिमट कर ही रह गया जब से ये पानी की टंकिया लगी हैं तब से कोई भी अधिकारी देखने तक नहीं आया कि यह टंकियां चल रही हैं या नहीं फिर भी ठेकेदार को इस पूरे वर्क का 40% हिस्सा बराबर जाता रहता है |

रिपोर्ट – अनुज मौर्य/शिवा मौर्य

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