दो पुस्तक, एक सामग्रीः बिहार यूर्निवसिटी में महा घोटाला

0
168

bihar universty
मुजफ्फरपुर : बाबा साहब भीमराव अंबेडकर बिहार यूर्निवसिटी (BRABU) के दूरस्थ शिक्षा निदेशालय बीते दिनों भी M.PHILL में नामांकन के कारण विवादों में रहा है. वहीं एक बार फिर BRABU का दूरस्थ शिक्षा निदेशालय का महा घोटाला सामने आया है, दूरस्थ शिक्षा निदेशालय आपत्तिजनक कार्य प्रणाली की वजह से बार-बार समाचारों की सुर्खियों में रहा है |

ताज़ा प्रसंग निदेशालय द्वारा संचालित M.ED पाठ्यक्रम में पाठ्य सामग्री एवं परीक्षा में घपला-घोटाला एवं लापरवाही का है, निदेशालय द्वारा M.ED के 2014 -2015 और 2015 -2016 सत्र में छात्र-छात्राओं को दी गई पाठ्य सामाग्री में भारी घपला हुआ है |

उसका प्रमाण छात्र-छात्रों को दी गई पुस्तके है, नीचे दो पुस्तकों के नाम है, ये दोनों पुस्तके भले ही अलग अलग पत्रों के है. लेकिन दोनों की पाठ्य सामग्री में एक शब्द का भी अंतर नहीं है. बस एक ही सामग्री का कवर पेज बदल कर विद्यार्थियों को दे दिया गया था | 1. भारत में समसामयिक मुद्दे एवं शिक्षा 2. भारतीय शिक्षा कीसमसामयिक समस्याएं

गौरतलब है की ये पुस्तकें स्थानीय स्तर पर छपवाई गई है. वही इलाहाबाद के प्रकाशन का नाम दिया गया है, जो कि पुस्तकों के लेखकों के नाम में गड़बड़ी से अस्पष्ट होता है, शोचनीय तथ्य यह है की 2014-2015 में जिस पुस्तक की कीमत 350 रुपये थी, वही 2015-2016 में उस पुस्तक की कीमत महज 280 रुपये हो गई, ये सारी त्रुटियां दूरस्थ शिक्षा निदेशालय के महा घोटाला के कारण हुआ है |

बिहार विश्वविद्यालय के कुलपति ने इस मामले को गंभीरता से लिया हैं और बतया कि घोटाले की जांच की जाएगी. जांच के उपरान्त सभी दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी |

रिपोर्ट – आशुतोष कुमार

हिंदी समाचार- से जुड़े अन्य अपडेट लगातार प्राप्त करने के लिए लाइक करें हमारा फेसबुक पेज और आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं |

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here