बिना एंबुलेंस बुलाये प्रसूता को रेफर करने पर हंगामा

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रायबरेली (ब्यूरो)- प्रसव पीड़ा से कराह रही प्रसूता को अस्पताल से रेफर कर दिया गया और वह काफी देर तक अस्पताल के सामने पड़ी तड़पती रही। जिसके कारण परिजनो ने जमकर हँगामा किया। महिला चिकित्सक से इस मामले मे जवाब तलब किया गया है।

घटना ऊचाहार सीएचसी की है। क्षेत्र के खरौली गाँव से अशोक कुमार की पत्नी सुरेखा को सुबह प्रसव के लिए सीएचसी लायी गयी थी। सुबह से उसका इलाज चल रहा था लेकिन उसको दर्द से आराम नहीं मिला। उसके बाद ड्यूटी पर तैनात महिला चिकित्सक ने प्रसूता को जिला चिकित्सालय के लिए रेफर कर दिया। परिजनो ने चिकित्सक को बताया कि उनके पास कोई साधन नहीं है, इसके बावजूद प्रसूता को बिना एंबुलेंस मँगवाए अस्पताल से बाहर कर दिया गया। प्रसूता को दूसरी मंजिल से नीचे लाया गया और अस्पताल कि फर्स पर उसको लेटा दिया गया।

प्रसूता फर्स पर असहाय पड़ी दर्द से तड़पती रही , लेकिन महिला चिकित्सक ने उस पर तरस नहीं खाया। महिला की बिगड़ती दशा देखकर परिजनो के सब्र का पैमाना छलक गया और परिजनो ने हँगामा करना शुरू कर दिया। परिजनो का आरोप था महिला चिकित्सक ने उनसे पाँच हजार रुपये मांगे थे, रुपया न देने पर प्रसूता को जबरन रेफर कर दिया गया। उसके बाद वहाँ काफी भीड़ जमा हो गयी। सूचना पाकर सीएचसी अधीक्षक डा आरबी सिंह यादव मौके पर पहुंचे और उन्होने तुरंत एंबुलेंस मागवाई तथा परिजनो को समझा बुझा कर शांत किया। उसके बाद प्रसूता को महिला चिकित्सालय ले जया गया। सीएचसी अधीक्षक ने बताया कि महिला चिकित्सक अथवा परिजनो मे से किसी ने उनको मामले कि जानकारी नहीं दी थी। रुपये मांगने की भी किसी ने कोई शिकायत नहीं की है, इस संबंध मे महिला चिकित्सक डा. रिचा मौर्या से जवाब तलब किया गया है।

रिपोर्ट- राजेश यादव

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