स्वच्छ भारत अभियान लक्ष्यों को हासिल करने में धन की कमी बाधा नहीं बनेगी- बीरेन्दर सिंह

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The Union Minister for Rural Development, Panchayati Raj, Drinking Water and Sanitation, Shri Chaudhary Birender Singh addressing at the National Review of State Ministers’ Conference on Sanitation and Drinking Water, in New Delhi on February 02, 2016.  	The Minister of State for Drinking Water & Sanitation, Shri Ram Kripal Yadav and the Minister of State for Panchayati Raj, Shri Nihalchand are also seen.

स्वच्छ भारत अभियान के प्रति केन्द्र की प्रतिबद्धता पर जोर देते हुए केन्द्रीय पेयजल एवं स्वच्छता मंत्री श्री बीरेन्दर सिंह ने राज्यों को भरोसा दिलाया कि देश में स्वच्छता एवं पीने के पानी के लक्ष्यों को अर्जित करने के लिए धन की कमी बाधा नहीं बनेगी। यहां स्वच्छता एवं पीने के पानी पर राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए उन्होंने संतोष जताया कि ग्रामीण भारत में शौचालयों के निर्माण की गति ने रफ्तार पकड़ ली है और पश्चिम बंगाल, कर्नाटक, राजस्थान एवं महाराष्ट्र जैसे राज्यों ने एकल परिवार शौचालयों एवं समुदाय शौचालयों के निर्माण में अग्रणीय स्थान हासिल कर लिया है। मंत्री महोदय ने कहा कि कई राज्य 02 अक्टूबर, 2019 के लक्ष्य से बहुत पहले 2017 या 2018 तक ही खुले में शौचालय से मुक्त स्थिति का दर्जा हासिल कर सकते है। सिक्किम और केरल अब खुले में शौचालय से मुक्त स्थिति (ओडीएफ) का दर्जा प्राप्त कर चुके हैं।

श्री सिंह ने कहा कि केवल शौचालय निर्माण का लक्ष्य हासिल करना ही स्वच्छता अभियान का उद्देश्य नहीं है, बल्कि इस कार्यक्रम को बनाए रखने तथा बर्ताव में बदलाव लाने को अधिक महत्व दिया जाना चाहिए। उन्होंने जानकारी दी कि भविष्य में मंत्रालय के कुल बजट का 8 से 10 प्रतिशत विभिन्न अभियान रणनीतियों पर खर्च किया जाएगा। उन्होंने कहा कि स्वच्छ भारत अभियान का ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन तत्व एसबीएम निजी क्षेत्र के छोटे एवं मझोले संस्थानों के लिए अपशिष्ट प्रबंधन में शामिल होने तथा ग्रामीण पर्यावरण प्रबंधन ढांचे को बेहतर बनाने के लिए संभावना प्रस्तुत करता है।

अपने संबोधन में ग्रामीण विकास राज्य मंत्री श्री रामकृपाल यादव ने कहा कि वर्तमान में देश में लगभग 49 प्रतिशत परिवारों में शौचालय है और आबादी के लगभग इतने ही प्रतिशत लोगों को पीने के पानी की नलीदार आपूर्ति प्रणाली मुहैया कराई गई है। उन्होंने कहा कि कई राज्य 2022 के लक्ष्य से पहले ही कम से कम 90 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों में नलीदार पीने के पानी की आपूर्ति एवं कम से कम 80 प्रतिशत ग्रामीण परिवारों में पारिवारिक कनेक्शन के साथ पीने के पानी की नलीदार आपूर्ति अर्जित कर सकते हैं।

Source – PIB

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