भाजपा नेता व मसाला व्यापारी राजेश मसाला की बढ़ सकती है मुश्किलें

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सुलतानपुर – आगजनी समेत अन्य गंभीर आरोपों में मसाला व्यवसायी व भाजपा नेता की निगरानी अर्जी को जिला एवं सत्र न्यायालय ने स्वीकार कर लिया है। न्यायाधीश नरेश कुमार बहल ने भाजपा नेता समेत 10 के खिलाफ दाखिल आरोपपत्र पर लिए गए संज्ञान व अग्रेतर विवेचना के संबंध में पूर्व में खारिज की जा चुकी अर्जी पर पुनः सुनवाई कर उचित आदेश पारित करने के लिए अधीनस्थ न्यायालय को निर्देश दिया है।

मालूम हो कि अमेठी कस्बा निवासी राजेश अग्रहरि उर्फ राजेश मसाला व उनके नौ समर्थकों के खिलाफ गांव की ही शहनाज बेगम पत्नी अरशद खां निवासिनी रायपुर फुलवारी कस्बा अमेठी ने 29 मार्च 2011 की शाम को हुई घटना के बाबत मुकदमा दर्ज कराया था।

आरोप के मुताबिक वह एसडीएम अमेठी से नक्शा स्वीकृति कराने के बाद अपनी भूमि पर निर्माण कार्य करवा रही थी। इसी दौरान असलहों व अन्य हथियारो से लैस मौके पर पहुंचे राजेश व उनके समर्थकों के जरिये निर्माण ढहाने का आरोप है। विरोध करने पर अभियोजन पक्ष की पिटाई एवं आगजनी आदि का भी आरोप है।

इस मामले में पुलिस ने अपनी जांच पूरी कर अदालत में आरोपपत्र दाखिल किया था। जिस पर 1 अक्टूबर 2011 को न्यायिक मजिस्ट्रेट ने संज्ञान लिया। विवेचना पर राजेश अग्रहरि ने सवाल खड़ा किया था और दुबारा विवेचना की मांग की थी। जिसके उपरान्त उच्चाधिकारियों के निर्देश पर विवेचक ने अग्रेतर विवेचना के लिए अदालत से अनुमति मांगी।

न्यायालय के आदेश पर प्रकरण की अग्रिम विवेचना हुई, जिसके उपरान्त विवेचक ने पुरानी जांच को ही सही बताते हुए शासन की अनुमति लेते हुए दोबारा राजेश अग्रहरि व उनके समर्थक सूरजदीन, सुरेन्द्र, राजेन्द्र, हरिशंकर, संतोष, विजय, नन्हऊ, मदनचन्द्र व अज्जू के खिलाफ आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया।

जिस पर न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत ने 27 अप्रैल 2015 को पुनः संज्ञान लिया। आरोपी राजेश के पक्ष से न्यायिक मजिस्ट्रेट की अदालत में अर्जी देकर संज्ञान को रिकॉल कर अग्रेतर विवेचना की मांग की गई। जिसे 14 सितम्बर 2016 को न्यायाधीश सर्वोत्तमा नागेश शर्मा ने निराधार मानते हुए खारिज कर दिया।

इसी आदेश को राजेश अग्रहरि ने जिला एवं सत्र न्यायालय में चुनौती दी थी। जिस पर दोनों पक्षों के तर्कों एवं साक्ष्यों को सुनने के पश्चात अदालत ने राजेश की निगरानी स्वीकार करते हुए अवर न्यायालय को पुनः आरोपपत्र संज्ञान पर रिकॉल एवं प्रकरण की अग्रेतर विवेचना के बिंदु पर दोनों पक्षों को सुनकर विधि संगत आदेश पारित करने का निर्देश दिया है।

पत्रावली जेएम कोर्ट के सुपुर्द कर दोनों पक्षों 24 जनवरी को बहस के लिए हाजिर होने के लिए भी जिला जज ने निर्देशित किया है।
रिपोर्ट-संतोष यादव
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