हरीश रावत के सचिवालय जाने पर भड़की भाजपा

0
166

Harish Rawat meets Sonia Gandhi
देहरादून : भाजपा प्रदेश् अध्यक्ष अजय भटट् ने मुख्यमंत्री हरीश रावत द्वारा सचिवालय पहुँच कर फाइलों का निस्तारण करने का कड़ा विरोध दर्ज किया है। नेता प्रतिपक्ष का कहना है कि विधान सभा के चुनाव हो चुके हैं और आचार संहिता लागू है, ऐसे में मुख्य मंत्री को कोई नीतिगत निर्णय लेने का अधिकार नहीं है।

प्रदेश् भाजपा अध्यक्ष अजय भटट् ने कहा कि  इस समय चुनाव होने के बाद राज्य में एक माह से भी कम समय में नई सरकार बनने  वाली है । इस दौरान मुख्यमंत्री केवल रोजमर्रा के काम ही कर सकते हैं। इस स्थिति में वे कोई नीतिगत निर्णय नहीं ले सकते और न ही किसी प्रकार का लाभ किसी को दे सकते हैं।  चूँकि अनुभव बताता है कि रावत व् उनके सलाहकार नियम कानून की परवाह नहीं करते इस लिए यह जानना जरुरी हो जाता है कि उन्होंने कौन सा फाइल कार्य किया। इसलिए हमारी मुख्यमंत्री से मांग हैं कि वे बताएं कि उन्होंने कौन सा कार्य किया। यदि वे इसका खुलासा नहीं करते तो इसका मतलब यह होगा कि वे कुछ ऐसा कर रहे हैं जिसका उन्हें अधिकार नहीं है। भटट् ने कहा कि हमारा मानना है कि मुख्यमंत्री रावत को वर्तमान स्थिति के अनुरूप ही कार्य करना चाहिये और नियमों व् परम्पराओं का सम्मान करना चाहिए ।

बताते चलें की मुख्यमंत्री हरीश रावत ने ढाई वर्षों के कार्यकाल में कभी कभार ही अपने सचिवालय का रुख किया। उन्होंने बीजापुर गेस्ट हाउस से अपना कार्यालय चलाया । यहां तक कि बीजापुर गेस्ट हाउस के ही एक हिस्से को सीएम सचिवालय का रूप दे दिया गया। इसे छोड़कर वह मुख्यमंत्री के सरकारी आवास तक में नहीं गये।  15 फरवरी को चुनाव के बाद आज सचिवालय जाना अपने आप में सवाल खड़ा करता है ।

जानकार बताते हैं कि मुख्यमंत्री हरीश रावत वास्तु दोष के चलते मुख्यमंत्री कार्यालय और मुख्यमंत्री आवास में नहीं जाते  हैं। हालांकि मुख्यमंत्री हरीश रावत ने सचिवालय में बने मुख्यमंत्री कार्यालय का वास्तु के हिसाब से परिवर्तन भी कराया था ।

रिपोर्ट – मोहम्मद शादाब

हिंदी समाचार- से जुड़े अन्य अपडेट लगातार प्राप्त करने के लिए लाइक करें हमारा फेसबुक पेज और आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं |

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY