अपनी ही सरकार के विरोध में सड़क पर उतरे ग्रामीणों के साथ भाजपा कार्यकर्ता

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जरमुणडी/झारखण्ड(रा.ब्यूरो)- मुख्यमंत्री के आश्वासन के बाद भी अभी तक नहीं बनी क्षतिग्रस्त पुलिया) आक्रोशित ग्रामीणों के साथ भाजपा कार्यकर्ताओं ने किया तीन घंटा हरीपुर कैरावन्नी मुख्य मार्ग जाम दुमका जिला अंतर्गत
जामा प्रखंड के सिटकीया पंचायत व ढोढ़ली पंचायत के ग्रामीणों ने अपनी पूर्वर्ती मांग को लेकर रविवार के दिन लगभग 3 घंटा हरीपुर केरा बन्नी मुख्य मार्ग जाम रखा जाम ग्रामीणों द्वारा सुबह 9:00 बजे से लगाया गया था, जो लगभग 12:00 बजे दिन तक लगा रहा बाद में प्रशासनिक अधिकारी जामा प्रखंड के सखी चंद्र दास BCO व जमा थाना के ASI इकलाख खान द्वारा ग्रामीणों को समझा-बुझाकर जाम छुड़वाया गया ।

ग्रामीणों के अनुसार ढोढ़ली पंचायत के हरीणगोहाल गांव मे 3 वर्ष पूर्व बनी सड़क पुलिया बीच में पूर्ण रूप से क्षतिग्रस्त हो जाने और ग्रामीणों के आवागमन में बाधा पहुंचने पर ग्रामीणों द्वारा पुलिया के निर्माण करने को लेकर जिला के आला अधिकारी से लेकर मुख्यमंत्री तक को गुहार लगाई गई हर जगह से उक्त पुलिया का पुनः निर्माण कराने का आश्वासन मिला इसके बावजूद भी पुलिया ज्यों का त्यों उसी तरह है । ग्रामीणों के अनुसार क्षतिग्रस्त पुलिया पर 1 दर्जन से अधिक लोग घायल हो चुके हैं शायद प्रशासन या सरकार किसी बड़ी दुर्घटना की इंतजार में है इसीलिए इस पुलिया का निर्माण नहीं कराया जा रहा है ग्रामीणों ने सरकार पर दोस मढ़ते हुए कहा कि हम लोगों को इस सरकार से जिस तरह से भरोसा था वह सारा भरोसा टूट चुका है|

मजबूर होकर अब हम लोग अपनी मांग को लेकर सड़क पर उतर चुके हैं जब तक पुलिया निर्माण नहीं होगा हम लोग इसी तरह समय-समय पर आंदोलन करते रहेंगे बताते चलें कि उक्त पुलिया हरीपुर बाजार से दुमका भाया जामा मुख्य मार्ग है और पुलिया के बीच में गड्ढा हो जाने से यह मार्ग पूर्ण रूप से अवरुद्ध हो चुका है इस मार्ग पर ना तो ट्रैक्टर का आवागमन होता है ना ही किसी भी छोटी या बड़ी चार पहिया गाड़ी का आवागमन होता है । वही सिकटीया पंचायत के लगभग 1 दर्जन से अधिक गांव के लोगों ने भी सरकार के विरुद्ध आज सामूहिक रुप से ढोढ़ली पंचायत के ग्रामीणों के साथ सशरीर मौजूद थे सिकटीया पंचायत के गांव वालों का कहना था कि हम लोगों के गांव के बगल में नदी है जहां हम लोगों ने पुल बनाने की मांग बीते कई वर्षों से करते आ रहे हैं मुख्यमंत्री रघुवर दास जी के दुमका आगमन के दौरान हम लोग लिखित रूप से भी एप्लीकेशन दिए थे |

मुख्यमंत्री जी से हम लोग अपनी व्यथा लिखित रुप से बताया था जिस पर मुख्यमंत्री जी से आश्वासन भी मिला था कि बहुत जल्द उस नदी में पुल बन जाएगा लेकिन इतने दिनों के बाद भी आज तक बांस का चचरी पुल भी सरकार नहीं बनवा सकी बताते चलें कि बरसात के दिनों में नदी के तटवर्ती गरडी , घटिया, पिपरा, नयाडीह ,केन्दुवाटाँड़ ,करारी, मसलेटी ,कुंज बना ,सिकटीया , आदि गांव के लोगों के अनुसार बरसात के दिनों में हम ग्रामीण बाजार के मुख्य मार्ग से वंचित रह जाते हैं हालात यह हो जाती है की अगर कोई बीमार हो जाए तो उसको इलाज कराने के लिए नदी पार करने के सिवा और दूसरा कोई विकल्प नहीं बचता है |

इन्हीं सब समस्याओं को देखते हुए हम ग्रामीण सरकार से पुल निर्माण की मांग की थी बताते चलें कि उक्त नदी में पुल बन जाने से एक तरफ मुख्य मार्ग से वंचित ग्रामीणों को मुख्यमार्ग मिलेगा वही जामा जरमुणडी प्रखंड के सबसे अधिक गांवों के लोग लाभान्वित होंगे ग्रामीणों के विरोध में और सड़क जाम में जामा प्रखंड के उप प्रमुख भाजपा नेता इंद्रकांत दर्वे , ढोढ़ली समिति के नरेंद्र कुमार खिरहर अपने दर्जनों कार्यकर्ताओं के साथ ग्रामीणों के साथ इस भीषण गर्मी के बावजूद भी सड़क मार्ग जाम में डटे रहे कार्यक्रम में राजेश खिरहर , किशोर खिरहर , संतोष खिरहर , संतोष महतो, संजय महतो ,मदन महतो, मंत आखिर है

मोहनदास वैद्य श्रीकांत दुबे जितेंद्र वैद छत्तीसगढ़ राजीव जनार्दन रामजस माझी विनोद राय सुनील राय मंदार वैद्य विष्णु राऊत आदि कार्यकर्ताओं ने इस जाम में बढ़ चढ़ कर भाग लिया इस भीषण गर्मी में जाम में फंसे लोगों ने भी सरकार से आग्रह किया कि आख़िर में सरकार का काम क्या है इन ग्रामीणों को ही देखना अगर ग्रामीणों की बात सरकार नहीं मानती है तो निश्चित तौर पर उस सरकार का कोई औचित्य हीं नहीं बनता है इसलिए जाम में फंसे यात्रियों ने सरकार से आग्रह किया उक्त ग्रामीणों की मांग जायज है इसे समस्या का निदान हर हाल में पूरा होना चाहिए ।

रिपोर्ट-धनंजय कुमार सिंह

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