पुस्तकों का विद्यार्थी जीवन में विशेष महत्वपूर्ण स्थान होता है – डा0 राम मोहन

0
31


मैनपुरी (ब्यूरो)- पुस्तकों का विद्यार्थी जीवन में विशेष महत्वपूर्ण स्थान है। मंजिल प्राप्त करने में पुस्तकें उसी भाँति सहायक होती हैं, जिस भाँति नाविक के लिए पतवार सहायक होती है शहर की संस्था सुदिती ग्लोबल एकेडमी विद्यार्थियों के हित के लिए सदैव चिंतनशील रहते हुये कुछ न कुछ नयी कार्ययोजना करती रहती है।

इसी श्रंखला में विद्यार्थियों के लिये नैतिकता युक्त एवं प्रतियोगी परीक्षाओं हेतु विभिन्न प्रकार की पुस्तकों को विद्यालय परिसर में ही अवलोकनार्थ त्रिदिवसीय पुस्तक मेला का आयोजन किया गया है। पुस्तक मेले का भव्य उद्घाटन विद्यालय के वरिष्ठ प्रधानाचार्य डा0 राम मोहन एवं प्रशासनिक प्रधानाचार्य डा0 कुसुम मोहन के कर कमलों से फीता काट कर किया गया।

तदुपरान्त सभी विद्यार्थियों ने पुस्तक मेले का भ्रमण किया। पुस्तक मेले के महत्व को समझाते हुये विद्यालय के वरिष्ठ प्रधानाचार्य डा0 राम मोहन ने बताया कि आधुनिक युग में तकनीकी व्यवस्था के चलते विद्यार्थियों की पुस्तक पढ़ने की आदत बहुत ही कम होती जा रही है। आजकल के विद्यार्थी कम्प्यूटर एवं इन्टरनेट के माध्यम से विभिन्न प्रकार खेलों में अपना समय व्यतीत करते हैं।

पुस्तक पढ़ना उन्हे अच्छा नहीं लगता और यदि वह कोई पुस्तक पढ़ते भी हैं तो सिर्फ अपने विषय की ही। लेकिन शिक्षा के साथ-साथ विद्यार्थियों के अन्दर सदाचार का होना अति आवश्यक है। पुस्तक मेले में इस तरह की पुस्तकों का संयोजन है जो विद्यार्थियों के अन्दर नैतिक मूल्येां का विकास करेंगी। विभिन्न मनोरंजक एवं ज्ञानवर्धक विषयों पर पुस्तकें पुस्तक मेले में आसानी से प्राप्त हो जाती है। जब हमारे पास तरह-तरह की उपयोगी पुस्तकों का संकलन होता है तो हमारा मन इधर-उधर न भकटते हुये पुस्तकें पढ़ने में लग जाता है।

एक अच्छी पुस्तक का मूल्य हीरे जवाहारात से भी अधिक होता है। पुस्तकें विद्यार्थियों के लिये ही नहीं बल्कि प्रत्येक मानव जीवन के लिये परम सहायक हैं। तरह-तरह की समस्यायों का समाधान पुस्तकों से प्राप्त होता है। इतिहास साक्षी है कि हमारे देश में अनेक कवि और लेखक ऐसे भी हुये हैं जो सिर्फ पुस्तकें पढ़कर ही अपने उददेश्य में कामयाब हो गये। पुस्तकें केवल मनोरंजन ही नहीं करती बल्कि ज्ञान का एक ऐसा दीपक प्रज्जवलित करती हैं जिसका प्रकाश जहाँ तक जाता है उस क्षेत्र के तिमिर को सर्वदा के लिये नष्ट कर देता है।

इस पुस्तक मेले का आयोजन विश्वप्रसिद्ध संस्था स्कोलास्टिक बुक्स के सहयोग से किया जा रहा है। उक्त संस्था अपनी लोकप्रिय, ज्ञानवर्धक एवं उच्च श्रेणी की पुस्तकों के लिये जानी जाती है। उद्घाटन सत्र के अवसर पर विद्याालय के उपप्रधानाचार्य जय शंकर तिवारी, दीपक उपाध्याय, विष्णु राठौर, तनुज गुप्ता, अमित कुमार, शिवम अवस्थी आदि अध्यापक एवं विद्यार्थी उपस्थित रहे।

रिपोर्ट- दीपक शर्मा

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY