टूटा अशोक स्तम्भ, अराजकतत्वों ने की तोड़फोड़, पहले भी हो चुकी है राष्ट्रीय चिन्ह से छेड़छाड़

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बहराइच (ब्यूरो)- जिला कांग्रेस कमेटी की उदासीनता के कारण आज दशको पूर्व निर्मित अशोक स्तंभ को कुछ लोगों ने तोड़ दिया जबकि इसकी जानकारी कई बार अध्यक्ष और उपाध्यक्ष को वहीं के दुकानदारों ने दी थी और ‘दैनिक आज‘ के 31 मार्च को ‘खतरे में है अशोक स्तंभों का अस्तित्व‘ की खबर भी प्रकाशित हुई थी फिर भी जिला कांग्रेस कमेटी सहित अन्य जिम्मेदार पदाधिकारियों ने इस पर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया जिसका खामियाजा आज अशोक स्तंभ को उठाना पड़ा अशोकस्तंभ हमारी एक ऐतिहासिक पहचान रखता है कुछ लोग इसको हटाकर धन कमाने में लगे हुए हैं यह मामला नगर क्षेत्र के कांग्रेस भवन स्थित मुख्य द्वार पर स्थापित अशोक स्तंभ का है जिसमें एक स्तंभ तो पहले ही गंदी राजनीति की चिता व भाषणों के सौदागरों की गिरफ्त में आकर विलीन हो गया अब दूसरे स्तंभ की बारी आ गयी।

कु़छ लोगो द्वारा विगत वर्षों से धीरे-धीरे इसकी पहचान खत्म करने में लगे हुए थे। यह ऐतिहासिक धरोहर अशोक स्तम्भ के क्षतिग्रस्त होने की जानकारी जब संकल्प फाउण्डेशन को हुई तो अशोक स्तम्भ का जीर्णोद्धार करने का दायित्व अपने ऊपर लिया और इस हेतु एक शिलापट भी अशोक स्तम्भ के नीचे लगायी जिससे अवशेष बचे अशोक स्तम्भ की सुरक्षा की जा सके व निकट भविष्य में उसका सौन्दर्यीकरण करके उसे उचित सम्मान दिलाया जा सके। यह बात बहुत लोगों को अखरती रही जिसको लेकर बहुत दिनों तक कांग्रेस भवन में राजनीति चलती रही जिसके बावजूद बीती रात अशोक स्तंभ इन राजनीत कारों की भेंट चढ़ गया पहले इस अशोकस्तंभ में लगे शिलापट्ट को हटाया गया फिर आज अशोक स्तंभ को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया।

हिंदुस्तान का शायद ही कोई ऐसा कोना हो जहाँ लोग मुल्क की कुछ खास धरोहरों सहित अशोक स्तम्भ के बारे में न जानते हों, बाउजूद देश की राजनीति में भाषण बाजीे ज्यादा व काम कम करने से जिले की तमाम ऐतिहासिक धरोहरों के साथ साथ हिन्दुस्तान की पहचान में शामिल अशोक स्तम्भ भी आपसी द्वेष व राजनीतिक उपेच्छा का शिकार होकर रहा गया। इस सम्बन्ध में जब रवि कुमार श्रीवास्तव महासचिव जिला कांग्रेस कमेटी से पूछा गया कि अशोक स्तम्भ कब और किसने निर्माण करवाया था तो उन्होने कहा कांग्रेस भवन निर्माण के समय ही दोनो अशोक स्तम्भ कांग्रेस भवन निर्माण के समय में दोनो स्तम्भ बनवाया गया था और यह अशोक स्तम्भ ऐतिहासिक चिन्ह ही हमारी धरोहर है इसलिए गेट के दोनो ओर उसका निर्माण करवाया गया था।

जिनमेें से एक स्तम्भ विगत कुछ वर्षो पहले ही भेट चढ़ चुका था। हालांकि इस सम्बंध में बहराइच कांग्रेस जिलाध्यक्ष चंद्रशेखर सिंह आजाद का कहना है की अभी वह लखनऊ में हैं। बहराइच आने पर ऐसा करने वालों पर घटना की जांच करवाकर मुकदमा दर्ज कराया जायेगा। दोषियों को बख्शा नहीं जायेगा। साथ ही संगमरमर के पत्थर के द्वारा स्तम्भ के नवनिर्माण हेतु भी कार्य कराने का उन्होंने आश्वासन दिया ।

रिपोर्ट- संतोष मिश्र

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