BSSC घोटाला : पैरवीकारों में मंत्री आलोक मेहता और कृष्णनंदन वर्मा भी

0
188


पटना : BSSC घोटाले में आज दोपहर बाद ETV ने बड़ा खुलासा कर बिहार की सियासत को गर्म कर दिया है. ETV की एक्सक्लूसिव रिपोर्ट कहती है कि कई राजनेता और अधिकारी बैकडोर से अपने लोगों को नौकरी दिलाने की पैरवी कर रहे थे. इसके ठोस सबूत SIT को मिले हैं. मालूम हो कि इसी मामले में BSSC के चेयरमैन सुधीर कुमार (IAS) भी गिरफ्तार कर जेल जा चुके हैं. दो अन्य IAS अधिकारी भी इस मामले में SIT के रडार पर हैं |

SIT ने बोर्ड के सेक्रेटरी परमेश्वर राम को गिरफ्तार करने के बाद उनके मोबाइल को जब्त किया था. बाद में इस मोबाइल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया. इस जांच में मोबाइल में कैद सभी जानकारियाँ निकल कर बाहर आ गयीं. जो कुछ डिलीट किया गया था, उसे भी SIT ने रिकवर कर लिया है |

ETV ने SIT के जांच दस्तावेज दिखा कर यह दावा किया है कि अपनों की भर्ती के लिए बिहार सरकार के मंत्री आलोक मेहता और कृष्णनंदन वर्मा पैरवी कर रहे थे, राजद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रघुवंश प्रसाद सिंह का नाम भी सामने आ गया है, जदयू के विधायक रामबालक सिंह और भाजपा के विधायक सुरेश कुमार शर्मा भी पैरवीकारों में शामिल हैं | ब्यूरोक्रेट रहे अरुण पाठक ने पैरवी की, DRDA के डायरेक्टर अवधेश राम ने अपने कैंडिडेट की सिफारिश की |

ऊपर की सूची में शामिल सबों ने अपनों का रोल नंबर कमीशन के सेक्रेटरी परमेश्वर राम को भेजा. एक ने अधिकार तो इतना जताया कि कहा 2 बजे से काउंसिलिंग है, काम करा कर खबर कीजियेगा. SIT मान रही है कि BSSC का घोटाला बहुत बड़ा है, अबतक यह बहुत छोटे स्वरुप में सामने आया है, जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ेगी, कारनामा खुलता जाएगा, याद रखें बिहार विधानमंडल के सत्र के दौरान भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने पैरवीकारों में विधानसभा के अध्यक्ष के पीए का नाम भी लिया था, लेकिन अब जिस तरीके से खुलासे हो रहे हैं, उनमें कई पार्टियों के नेताओं के नाम आगे आने लगे हैं, ETV दावा कर रहा है कि वह और भी बड़ा राज जल्द खोलेगा |

रिपोर्ट – आशुतोष कुमार

हिंदी समाचार- से जुड़े अन्य अपडेट लगातार प्राप्त करने के लिए लाइक करें हमारा फेसबुक पेज और आप हमें ट्विटर पर भी फॉलो कर सकते हैं |

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY